Delhi दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठे ‘अर्नब चक्रवात’ का असर कमजोर पड़ने के बावजूद कई राज्यों में भारी बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। मौसम के हालात को देखते हुए राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी जानकारी सामने आई है। अलग-अलग हादसों में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बताया गया है। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बिहार में भी मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। राज्य के 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में बारिश का असर सबसे ज्यादा बस्तर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। पिछले पांच दिनों से जारी बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगह सड़कें पानी में डूब गई हैं और खेतों में पानी भर गया है। कुछ इलाकों में घरों तक पानी पहुंचने से लोगों को अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पुराने पुल के पास नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी किनारे बसे लालबाग, डोंगाघाट और श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में लोग बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। राजधानी रायपुर में भी लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। महादेवघाट पर खारुन नदी का पुल पानी में डूब गया है। पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे पुल और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।
गरियाबंद में भी लगातार बारिश से हालात बिगड़े हैं। जिले की प्रमुख नदियों पैरी, सौंदर और महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। छोटे नदी-नालों में भी पानी का बहाव तेज हो गया है, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुकमा के कोंटा इलाके में शबरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर वार्निंग लेवल तक पहुंच गया है। नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। सुकमा को ओडिशा से जोड़ने वाले रास्ते पर भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। झापर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है।
मौसम के इस बदलाव का असर फसलों पर भी पड़ा है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी है। इस तरह ‘अर्नब’ से जुड़ा मौसमी सिस्टम कमजोर होने के बावजूद इसके प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश, बढ़ते नदी-नालों के जलस्तर और बाढ़ जैसी स्थिति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
Tags: