उत्तर प्रदेश : बुलंदशहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। तेज बारिश के दौरान उफनते नाले में बह गई कक्षा चार की छात्रा चारू कश्यप का शव आखिरकार हादसे के पांच दिन बाद बरामद कर लिया गया। शनिवार सुबह काली नदी में गांव चावली के पास जलकुंभी के बीच फंसा छात्रा का शव मिलने से परिवार की अंतिम उम्मीद भी टूट गई। इस दर्दनाक घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, चारू कश्यप बुलंदशहर के मामन रोड स्थित भूतेश्वर मंदिर के पास उफनते नाले में बह गई थी। हादसे के बाद से ही जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं। शनिवार सुबह रेस्क्यू टीम को सूचना मिली कि काली नदी में गांव चावली के निकट जलकुंभी के बीच एक शव फंसा हुआ है। मौके पर पहुंची टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान चारू कश्यप के रूप में हुई। बताया गया कि शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बरामद हुआ।
सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा का शव जलकुंभी में फंस जाने के कारण आगे नहीं बह पाया। इसी वजह से पांच दिन बाद उसका पता चल सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चारू के शव मिलने की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, वहां मातम छा गया। पिछले पांच दिनों से परिवार के लोग इस उम्मीद में हर पल इंतजार कर रहे थे कि उनकी बेटी किसी तरह सुरक्षित मिल जाएगी। परिजन लगातार रेस्क्यू अभियान पर नजर बनाए हुए थे और हर नई सूचना के साथ उनकी उम्मीदें बढ़ जाती थीं। लेकिन शनिवार सुबह आई इस खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और आसपास के लोग उन्हें सांत्वना देने में जुटे हैं।
गौरतलब है कि यह दर्दनाक हादसा मंगलवार दोपहर को हुआ था। चारू कश्यप स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रही थी। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह सड़क किनारे एक दुकान के पास खड़ी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर बाद उसका पैर फिसल गया और वह पास से गुजर रहे उफनते नाले में जा गिरी। तेज बहाव होने के कारण वह कुछ ही सेकंड में आंखों से ओझल हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तेज पानी के बहाव के सामने कोई सफल नहीं हो सका।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। नगर पालिका, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने लगातार कई दिनों तक नालों और काली नदी में व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाया। पानी के तेज बहाव, कीचड़ और जलकुंभी के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीमें लगातार छात्रा की तलाश में जुटी रहीं। आखिरकार पांचवें दिन उसका शव बरामद हो गया।
इस बीच छात्रा के पिता रिंकू ने इस मामले में स्कूल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्कूल की प्रधानाचार्य, प्रबंधक और आया के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि छात्रा की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन ने भी मामले के सभी पहलुओं की जांच का भरोसा दिया है। वहीं, चारू की असमय मौत से पूरे इलाके में गहरा शोक है। स्थानीय लोग इस घटना को प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा सबक मानते हुए बरसात के मौसम में खुले नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।