नोएडा प्राधिकरण का बड़ा कदम, किसानों को मिलेगा मालिकाना हक

Update: 2026-07-15 13:51 GMT

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर और सैनी गांव के 253 किसानों के आबादी भूखंडों की शिफ्टिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। प्राधिकरण ने एक माह के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर किसानों को उनके भूखंडों पर मालिकाना हक दिलाने का लक्ष्य तय किया है।

जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर गांव के 177 और सैनी गांव के 76 किसानों को आबादी के भूखंड आवंटित किए थे। लेकिन जिन स्थानों पर ये भूखंड दिए गए थे, वहां जमीन से जुड़े विवाद सामने आ गए थे। इसके कारण किसानों को लंबे समय तक अपने भूखंडों पर कब्जा नहीं मिल सका।

किसान पिछले कई वर्षों से अपने आबादी भूखंडों की शिफ्टिंग की मांग कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने कई बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगाए और अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी। अब प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिफ्टिंग की प्रक्रिया को गति देने का फैसला किया है।

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, किसानों को आवंटित भूखंडों की स्थिति और जमीन संबंधी समस्याओं की समीक्षा के बाद वैकल्पिक स्थानों पर भूखंड शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लक्ष्य रखा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 253 किसानों की समस्या का समाधान कर दिया जाए।

आबादी भूखंड किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यह उनके परिवार और भविष्य से जुड़ा विषय होता है। भूखंड पर मालिकाना हक मिलने के बाद किसान उस जमीन का उपयोग अपनी जरूरतों के अनुसार कर सकेंगे। इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से लगातार किसानों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी भूखंड आवंटन या कब्जे से जुड़ी समस्याएं लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।

रोजा याकूबपुर और सैनी गांव के किसानों को लंबे समय से अपने भूखंडों का इंतजार था। जमीन विवाद के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अब प्रक्रिया आगे बढ़ने से किसानों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें अपने भूखंडों पर अधिकार मिल जाएगा।

प्राधिकरण की इस पहल से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। एक माह के भीतर शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को भूखंडों का कब्जा और मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे थे। यदि तय समय में प्रक्रिया पूरी होती है तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं, प्राधिकरण ने भी संबंधित विभागों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

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