उत्तर प्रदेश

भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का भंडाफोड़, चरस के साथ आरोपी गिरफ्तार

Ratna Netam
15 July 2026 7:05 PM IST
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का भंडाफोड़, चरस के साथ आरोपी गिरफ्तार
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Bahraich बहराइच : भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। बहराइच पुलिस, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) लखनऊ की संयुक्त टीम ने सीमा क्षेत्र से एक नेपाली तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 1.586 किलोग्राम अवैध चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह कार्रवाई रुपईडीहा थाना क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर की गई। सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सूचना मिल रही थी कि सीमा क्षेत्र के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इसी को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से सीमा पर निगरानी और चेकिंग अभियान तेज कर दिया था।

क्षेत्राधिकारी नानपारा चित्रांशु गौतम ने बताया कि रुपईडीहा थाना प्रभारी रमेश सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम, एसएसबी और एएनटीएफ लखनऊ की संयुक्त टीम द्वारा कस्बा रुपईडीहा स्थित एसएसबी चेक पोस्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान नेपाल की ओर से भारत की तरफ आ रहे एक व्यक्ति पर सुरक्षा कर्मियों को शक हुआ।

टीम ने जब संदिग्ध व्यक्ति को रुकने का इशारा किया तो वह घबरा गया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सुरक्षाकर्मियों ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से 1.586 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई। मादक पदार्थ मिलने के बाद आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान नेपाल के बारेकोट निवासी 34 वर्षीय विरेन्द्र बहादुर सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह नेपाल से चरस की खेप लेकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसका उद्देश्य इस मादक पदार्थ को भारतीय क्षेत्र में तस्करों तक पहुंचाना था, लेकिन सीमा पार करने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ थाना रुपईडीहा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना रुपईडीहा पुलिस, एएनटीएफ लखनऊ और 42वीं वाहिनी एसएसबी नानपारा के जवानों की अहम भूमिका रही। सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि चरस की यह खेप भारत में किस व्यक्ति या गिरोह को पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही सीमा क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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