Delhi दिल्ली: यमुना नदी के जल प्रवाह को बेहतर बनाने और जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना (Kishau Multipurpose Dam Project) को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में परियोजना पर व्यापक सहमति बन गई। बैठक में Himachal Pradesh, Uttarakhand, Delhi, Uttar Pradesh, Haryana और Rajasthan के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी राज्यों ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि परियोजना के जल घटक (वॉटर कंपोनेंट) की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत लागत संबंधित राज्य साझा करेंगे। इस निर्णय से राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होगा और परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
किशाऊ बांध परियोजना को यमुना बेसिन की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में से एक माना जाता है। इसके पूरा होने से यमुना नदी में जल प्रवाह बढ़ाने, पेयजल उपलब्धता में सुधार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संरक्षण को मजबूती मिलने की संभावना है। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण और जलविद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। केंद्र सरकार का मानना है कि इस परियोजना के अमल से उत्तर भारत के कई राज्यों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और यमुना नदी से जुड़े जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने और आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।