बरेली: महिला शक्तिकरण के उद्देश्य से भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) देश भर में लर्निंग लैब तैयार कर रहा है. इसके तहत सामाजिक और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा. कोलकाता के 24 परगना से शुरुआत कर दी गई है.

आईवीआरआई के निदेशक ने बताया कि प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परामर्श समूह व अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के सहयोग से पूरा किया जाएगा. लर्निंग लैब की स्थापना का उद्देश्य महिला पशुपालकों व किसानों की समस्याओं का समाधान करना है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर हों और उनकी आर्थिक उन्नति हो सके.

महिलाओं को नवीन नवाचार से जुड़ी जानकारी दे सकेंगे: आईवीआरआई की संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कृषि व पशुपालन में सक्रिय योगदान दे रहीं हैं. लर्निंग लैब के माध्यम से हम महिलाओं का समूह बनाकर उनको जलवायु परिर्वतन तथा अन्य नवीन नवाचार से जुड़ी जानकारी दे सकते हैं. परियोजना प्रभारी डॉ. महेश चन्द्र ने बताया कि जब भी नवाचार या तकनीकी का गांवों में प्रचार प्रसार करना होता है तो अधिकांश जगहों पर पुरुषों को ही इसकी जानकारी दी जाती है. महिलायें वंचित रह जाती थीं. अब लर्निंग लैब के माध्यम से उन्हें भी इसकी जानकारी मिल सकेगी.

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