आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत करना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता समेत 6 पर केस दर्ज
उत्तरप्रदेश : आयुष्मान भारत योजना में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत करना एक रिटायर्ड शिक्षक को भारी पड़ गया। दामाद पर आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज का क्लेम हड़पने का आरोप लगाकर जांच की मांग करने वाले शिकायतकर्ता बाबू अंसारी अब खुद ही मामले में फंस गए हैं। संयुक्त जांच के बाद शिकायतकर्ता और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्यों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक बाबू अंसारी ने जिलाधिकारी (डीएम) के समक्ष शिकायत देकर अपने दामाद पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज का क्लेम हड़पने का आरोप लगाया था। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कर इलाज से संबंधित क्लेम की राशि का गलत तरीके से लाभ लिया गया। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त जांच कराई गई। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों और योजना से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। जांच पूरी होने के बाद मामला शिकायतकर्ता के परिवार के ही सदस्यों के खिलाफ पहुंच गया।
जिला शिकायत निवारण अधिकारी अमीर बेग की ओर से कोतवाली में तहरीर देकर शिकायतकर्ता बाबू अंसारी समेत परिवार के पांच अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस तरह आयुष्मान योजना में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत करने वाले बाबू अंसारी सहित कुल छह लोग मामले में आरोपी बनाए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में शिकायत से जुड़े दस्तावेज, आयुष्मान कार्ड, इलाज और क्लेम से संबंधित रिकॉर्ड तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि योजना के तहत किस तरह से क्लेम किया गया और उसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। योजना में इलाज के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्ड और लाभार्थी से जुड़े रिकॉर्ड का इस्तेमाल होता है। ऐसे में क्लेम से संबंधित किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाती है।
इस मामले में भी शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी। हालांकि, संयुक्त जांच के बाद शिकायतकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज होने से मामला चर्चा में आ गया है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फर्जीवाड़े में किसकी क्या भूमिका थी और योजना के तहत किस प्रकार की अनियमितता की गई।
पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस शिकायतकर्ता और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ सहित मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकती है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।