वाराणसी। बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर शनिवार को तेज बारिश के दौरान हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। स्टेशन के शेड और वहां लगे पंखे से बारिश का पानी तेज धार में नीचे गिरने लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि प्लेटफॉर्म पर किसी झरने जैसा दृश्य दिखाई देने लगा। इसके बाद रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं और बारिश के पानी की निकासी को लेकर सवाल उठने लगे।

शनिवार को वाराणसी में तेज बारिश के दौरान बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर अचानक ऊपर से पानी गिरने लगा। स्टेशन के शेड से आने वाला पानी वहां लगे पंखे के आसपास से तेज धार के रूप में नीचे गिर रहा था। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों का ध्यान भी इस ओर गया।

मामला सामने आने के बाद रेलवे की ओर से इसकी वजह भी बताई गई। संबंधित रेलवे विभाग के अनुसार लगातार बारिश के दौरान रेन वाटर पाइप में मांझा, पेड़ों की पत्तियां और बोतल फंस गई थी। इसके कारण बारिश के पानी की सामान्य निकासी बाधित हो गई और पानी दूसरे रास्ते से बहने लगा।

पंखे से गिरने लगा पानी

प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर बारिश का पानी शेड से होते हुए पंखे के पास पहुंच गया। इसके बाद पानी पंखे के आसपास से नीचे गिरने लगा। तेज धार में पानी गिरने के कारण दूर से देखने पर यह किसी झरने जैसा नजर आ रहा था।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर इस तरह पानी गिरने से यात्रियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। स्टेशन पर बारिश से बचने के लिए शेड लगाया जाता है, लेकिन उसी शेड के नीचे तेज धार में पानी गिरने से व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।

तेज बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों को भी पानी से बचकर निकलना पड़ा। सबसे ज्यादा ध्यान उस पंखे ने खींचा, जिसके आसपास से लगातार पानी नीचे गिरता दिखाई दिया।

रेन वाटर पाइप हुआ था जाम

मामले को लेकर संबंधित रेलवे विभाग से जानकारी ली गई तो अधिकारियों ने पानी गिरने की वजह स्पष्ट की। रेलवे के मुताबिक लगातार बारिश होने के दौरान रेन वाटर पाइप में मांझा और पेड़ों की पत्तियां फंस गई थीं। इसके साथ एक बोतल भी पाइप में फंस गई थी।

इन चीजों के कारण पाइप से पानी की निकासी बाधित हो गई। शेड पर जमा हो रहा बारिश का पानी निर्धारित पाइप से बाहर नहीं निकल पाया और उसने दूसरा रास्ता बना लिया। इसी कारण पानी स्टेशन पर लगे पंखे के आसपास से होकर नीचे गिरने लगा।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक समस्या का मुख्य कारण रेन वाटर पाइप में आई रुकावट थी। बारिश लगातार होने के कारण पानी की मात्रा बढ़ती गई और पाइप बंद होने से निकासी प्रभावित हो गई।

यात्रियों के बीच बना चर्चा का विषय

प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर पंखे से पानी गिरने का दृश्य यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। रेलवे स्टेशन पर इस तरह का नजारा सामान्य नहीं होने के कारण लोगों का ध्यान इसकी ओर गया।

बारिश के समय रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है। लोग प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का इंतजार करते हैं और बारिश से बचने के लिए शेड के नीचे खड़े रहते हैं। ऐसे में शेड से बड़ी मात्रा में पानी गिरने पर यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। रेन वाटर पाइप में पत्तियां, मांझा और बोतल फंसने से पानी का रास्ता बंद होने की बात सामने आने के बाद इसकी नियमित सफाई की जरूरत पर भी ध्यान गया।

तेज बारिश के कारण बढ़ा पानी का दबाव

लगातार तेज बारिश के दौरान स्टेशन के शेड पर बड़ी मात्रा में पानी जमा होने लगा था। सामान्य स्थिति में यह पानी रेन वाटर पाइप के जरिए बाहर निकलता है, लेकिन पाइप में रुकावट आने के कारण निकासी नहीं हो सकी।

पानी का दबाव बढ़ने के बाद वह शेड के दूसरे हिस्सों से निकलने लगा। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर लगे पंखे के आसपास से भी पानी तेज धार में नीचे आने लगा।

रेलवे विभाग ने बताया कि मांझा, पत्तियां और बोतल पाइप में फंसने के कारण यह स्थिति बनी। यानी समस्या बारिश के पानी की मात्रा के साथ निकासी व्यवस्था बाधित होने से पैदा हुई।

रेलवे की व्यवस्था पर उठे सवाल

प्लेटफॉर्म पर झरने की तरह पानी गिरने का दृश्य सामने आने के बाद यात्रियों की सुविधा और स्टेशन की देखरेख को लेकर सवाल उठे। बारिश के मौसम में रेन वाटर पाइप की नियमित जांच और सफाई जरूरी होती है, ताकि अधिक बारिश होने पर भी पानी की निकासी सुचारू रूप से होती रहे।

खास तौर पर प्लेटफॉर्म जैसी जगह पर, जहां बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं, पानी की निकासी बाधित होने से परेशानी बढ़ सकती है। पानी गिरने से प्लेटफॉर्म गीला होने पर यात्रियों को आने-जाने में भी दिक्कत हो सकती है।

शनिवार को हुई तेज बारिश ने बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 की रेन वाटर निकासी व्यवस्था की समस्या सामने ला दी। पंखे और शेड से तेज धार में गिरता पानी देखकर लोगों को झरने जैसा नजारा दिखाई दिया।

फिलहाल रेलवे विभाग ने स्पष्ट किया है कि रेन वाटर पाइप में मांझा, पेड़ों की पत्तियां और बोतल फंस जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हुई थी। इसी वजह से पानी सामान्य रास्ते से नहीं निकल सका और स्टेशन पर लगे पंखे के आसपास से होकर नीचे गिरने लगा।

Tags: