छोटी कंपनियों का नुकसान रोकेगा AI ‘डाटा ब्रिज’, यूपी ट्रेड शो में छाया सॉफ्टवेयर
AKTU छात्र का AI सॉफ्टवेयर बना आकर्षण
लखनऊ: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के एक छात्र ने छोटे और मध्यम कारोबारों को बेहतर कारोबारी फैसले लेने में मदद करने के उद्देश्य से 'डाटा ब्रिज' नाम का AI आधारित सॉफ्टवेयर तैयार किया है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदर्शित इस तकनीक ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इस सॉफ्टवेयर का उद्देश्य छोटे कारोबारियों के पास मौजूद बिक्री और अन्य व्यावसायिक आंकड़ों को आसान तरीके से समझना है। कई छोटी कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में डेटा तो होता है, लेकिन उसका विश्लेषण करने के लिए अलग डेटा साइंटिस्ट या महंगे सॉफ्टवेयर की सुविधा नहीं होती। 'डाटा ब्रिज' इसी अंतर को कम करने की कोशिश करता है।
कारोबारी डेटा का विश्लेषण करेगा AI
सॉफ्टवेयर में कंपनी अपने बिक्री से जुड़े आंकड़े और अन्य जरूरी डेटा उपलब्ध करा सकती है। AI इन आंकड़ों का विश्लेषण करके कारोबार के रुझानों को समझने में मदद करता है। इससे कंपनी यह पता लगा सकती है कि कौन से उत्पाद की बिक्री बेहतर है, कहां प्रदर्शन कमजोर है और किन क्षेत्रों में रणनीति बदलने की जरूरत हो सकती है।
इस तरह की जानकारी छोटे कारोबारों को स्टॉक, बिक्री और व्यावसायिक रणनीति से जुड़े निर्णय लेने में मदद कर सकती है। डेवलपर का उद्देश्य छोटे उद्योगों को भी डेटा आधारित फैसले लेने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
महंगे विशेषज्ञों पर निर्भरता कम करने की कोशिश
बड़ी कंपनियां डेटा विश्लेषण के लिए विशेषज्ञों की टीम रख सकती हैं, लेकिन छोटे कारोबारों के लिए ऐसा करना अक्सर महंगा होता है। ऐसे में AI आधारित टूल कम संसाधनों में डेटा को व्यवस्थित करने और उससे उपयोगी जानकारी निकालने का विकल्प दे सकते हैं। 'डाटा ब्रिज' को भी इसी सोच के साथ विकसित किया गया है। इसका फोकस जटिल डेटा को कारोबारी के लिए आसानी से समझ में आने वाली जानकारी में बदलना है, ताकि निर्णय केवल अनुमान के बजाय उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर लिए जा सकें।
यूपी ट्रेड शो में दिखा छात्रों का इनोवेशन
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उद्योगों और स्टार्टअप के साथ शिक्षण संस्थानों के नवाचार भी प्रदर्शित किए गए। AKTU से जुड़े विद्यार्थियों ने तकनीक आधारित कई मॉडल और प्रोजेक्ट पेश किए। इनमें AI और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े समाधान भी शामिल रहे। 'डाटा ब्रिज' जैसे प्रोजेक्ट यह दिखाते हैं कि विद्यार्थी अब पढ़ाई के साथ वास्तविक कारोबारी समस्याओं के समाधान पर भी काम कर रहे हैं। खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए कम लागत वाली डिजिटल तकनीकों की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
छोटे कारोबारों में बढ़ रहा डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल
देश में छोटे और मध्यम उद्यम डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बिक्री, क्लाउड सेवाओं और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं। ऐसे में AI आधारित डेटा एनालिसिस टूल कारोबार की योजना बनाने में अगला महत्वपूर्ण कदम बन सकते हैं। हालांकि किसी भी AI सॉफ्टवेयर से मिलने वाले सुझावों की गुणवत्ता उसमें दिए गए डेटा और मॉडल की क्षमता पर निर्भर करती है। इसलिए व्यावसायिक फैसले लेते समय डेटा की शुद्धता और मानवीय समीक्षा भी महत्वपूर्ण रहती है। AKTU के छात्र द्वारा तैयार 'डाटा ब्रिज' फिलहाल एक इनोवेशन के रूप में सामने आया है। व्यापक व्यावसायिक इस्तेमाल में इसकी प्रभावशीलता वास्तविक कंपनियों में परीक्षण और परिणामों के बाद अधिक स्पष्ट होगी।