लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज कस्बे में बीती रात एटीएम तोड़ने की कोशिश से हड़कंप मच गया। मौरावां मोड़ के पास एक बिल्डिंग में बने इंडिया वन एटीएम कॉर्नर में बिना नंबर की सफेद कार से आए बदमाशों ने धावा बोला और औजारों की मदद से मशीन तोड़ने का प्रयास किया। घटना पुलिस पिकेट से कुछ ही दूरी पर हुई।

एटीएम से आ रही खटपट की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को शक हुआ। उन्होंने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही बदमाश मौके से भागने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस ने उनका पीछा किया और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में किसी गिरफ्तारी या हिरासत की पुष्टि नहीं की गई है।

आधी रात एटीएम के बाहर आकर रुकी कार

जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 12 से एक बजे के बीच की बताई जा रही है। मौरावां मोड़ के पास स्थित इंडिया वन एटीएम कॉर्नर के बाहर एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। बताया जा रहा है कि कार पर नंबर प्लेट नहीं थी।

कार में सवार लोग एटीएम कॉर्नर के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने औजारों की मदद से एटीएम मशीन को तोड़ना शुरू कर दिया। रात का समय होने के कारण आसपास लोगों की आवाजाही कम थी।

बदमाश मशीन को नुकसान पहुंचा रहे थे, तभी एटीएम के अंदर से आने वाली खटपट की आवाज आसपास के लोगों ने सुनी। कुछ लोगों को गतिविधि संदिग्ध लगी और उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी।

पुलिस पिकेट से कुछ दूरी पर वारदात

घटना की सबसे अहम बात यह रही कि एटीएम कॉर्नर से कुछ दूरी पर ही पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद बदमाश एटीएम के अंदर पहुंच गए और मशीन को तोड़ने लगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवाज सुनाई नहीं देती और पुलिस को सूचना नहीं दी जाती, तो बदमाश एटीएम मशीन को और अधिक नुकसान पहुंचा सकते थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके की ओर रवाना हुई।

पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलते ही एटीएम के अंदर मौजूद बदमाश वहां से बाहर निकले और कार से भागने की कोशिश करने लगे।

भागते बदमाशों का पीछा करने की बात

स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस ने बदमाशों की कार का पीछा किया। इस दौरान एक संदिग्ध को पकड़कर हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है।

पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं होने के कारण मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और मौके से भागने वाले बदमाशों की पहचान हो पाई है या नहीं।

एटीएम मशीन को हुआ नुकसान

बदमाशों ने एटीएम मशीन को औजारों से तोड़ने का प्रयास किया। इससे मशीन को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, बदमाश एटीएम में रखी नकदी तक पहुंच पाए या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पुलिस और संबंधित एजेंसी की ओर से एटीएम का निरीक्षण किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मशीन से किसी रकम की चोरी हुई है या बदमाश केवल मशीन को क्षतिग्रस्त कर पाए।

घटना के बाद एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस स्थान पर यह एटीएम लगा है, वहां रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी जांच की जा सकती है।

सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा राज

घटना की जांच में एटीएम कॉर्नर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अहम भूमिका निभा सकती है। बिना नंबर की सफेद कार से आए बदमाशों की गतिविधियां कैमरे में कैद होने की संभावना है।

पुलिस फुटेज के जरिए कार में सवार लोगों की संख्या, उनके हुलिए और भागने की दिशा का पता लगा सकती है। यदि कार की पहचान या उसके रूट से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा पुलिस आसपास के इलाकों में मौजूद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि बदमाशों के आने और घटना के बाद भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता

एटीएम तोड़ने की कोशिश की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस पिकेट के नजदीक इस तरह की वारदात का प्रयास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।

रात के समय बाजार और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी उठ सकती है। खासतौर पर ऐसे स्थान जहां एटीएम, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान मौजूद हैं, वहां रात के समय अतिरिक्त निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। एटीएम मशीन को कितना नुकसान हुआ, उसमें रखी नकदी सुरक्षित है या नहीं और वारदात में कितने लोग शामिल थे, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

घटना में कथित रूप से इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद कार भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस यदि वाहन की पहचान करने में सफल होती है तो आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

मोहनलालगंज में आधी रात हुई इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पिकेट से कुछ दूरी पर एटीएम को निशाना बनाए जाने के बावजूद समय रहते लोगों की सूचना से बड़ी वारदात टल गई। अब पुलिस के सामने चुनौती घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने और यह पता लगाने की है कि उनका किसी बड़े एटीएम गिरोह से संबंध है या नहीं।

Tags: