सीट शेयरिंग पर सस्पेंस के बीच कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन का किया ऐलान
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने आगामी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति साफ करते हुए दावा किया है कि पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में ही चुनाव मैदान में उतरेगी। कांग्रेस के यूपी सह प्रभारी श्याम कुमार दौलत बर्वे ने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट है और चुनाव साथ मिलकर लड़ने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे का अंतिम फैसला कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के स्तर पर होगा। दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर बातचीत के बाद ही सीटों का फॉर्मूला तय किया जाएगा।
कांग्रेस ने गठबंधन को लेकर दिया बड़ा संकेत
कांग्रेस के इस बयान को यूपी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी पहले ही संकेत दे चुकी है कि विपक्षी एकता के तहत समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बीजेपी को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों का एकजुट रहना जरूरी है। लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसके बाद दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाएं बनी हुई हैं।
सीट बंटवारे पर अखिलेश और राहुल करेंगे फैसला
सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि इस पर अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व करेगा। कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी कह चुके हैं कि गठबंधन में सम्मानजनक समझौता होना चाहिए और सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सीटों का बंटवारा दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हो सकता है। दोनों पार्टियां उन सीटों पर दावा करना चाहेंगी, जहां उनका संगठन मजबूत है।
मिशन 2027 पर कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। पार्टी बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस सह प्रभारी श्याम कुमार दौलत बर्वे ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है और जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय किया जा रहा है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की क्यों है चर्चा?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन बीजेपी के खिलाफ विपक्षी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सपा जहां प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस लंबे समय बाद राज्य में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश में जुटी है।
दोनों दलों का मानना है कि साथ आने से बीजेपी विरोधी वोटों का बंटवारा कम किया जा सकता है।
गठबंधन के सामने चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि गठबंधन की राह आसान नहीं होगी। सीटों की संख्या, उम्मीदवारों का चयन और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति बनाना बड़ी चुनौती होगी।
अतीत में भी गठबंधन दलों के बीच सीटों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों को संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा।
बीजेपी के लिए विपक्ष की रणनीति
सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं को बीजेपी भी करीब से देख रही है। बीजेपी लगातार अपने संगठन और सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।
वहीं विपक्षी दल महंगाई, रोजगार, किसान और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ेगा सियासी तापमान
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन, सीट बंटवारा और उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
कांग्रेस के सह प्रभारी का यह बयान इस बात का संकेत है कि पार्टी फिलहाल सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि सीटों का अंतिम फॉर्मूला और चुनावी रणनीति आने वाले समय में साफ होगी।