अखिलेश यादव से मिले लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह, 35 सीटों की दावेदारी पर हुई चर्चा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच आगामी विधानसभा चुनाव, संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे के साथ-साथ किसान, गरीब, महंगाई, रोजगार और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल और समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत आगे जारी रहेगी। लोकदल की ओर से करीब 35 विधानसभा सीटों पर दावेदारी जताई गई है। हालांकि, सीटों के अंतिम बंटवारे को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
अखिलेश से किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
चौधरी सुनील सिंह के मुताबिक, अखिलेश यादव के साथ हुई बैठक में किसानों, गरीबों, युवाओं, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनाव को लेकर संभावित रणनीति पर भी चर्चा की गई।
लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से किसानों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। उनका कहना है कि आने वाले समय में भी किसानों और ग्रामीण आबादी से संबंधित विषय पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण रहेंगे।
सम्मानजनक हिस्सेदारी का भरोसा
मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने दावा किया कि अखिलेश यादव ने लोकदल को गठबंधन में पूरा सम्मान देने का भरोसा दिया है। लोकदल अध्यक्ष के अनुसार, सीटों के बंटवारे को लेकर अभी बातचीत जारी है और आगे होने वाली बैठकों में इस पर चर्चा की जाएगी।
35 सीटों की मांग को लेकर भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह लोकदल की ओर से रखी गई दावेदारी है। गठबंधन में पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, यह आगे होने वाली बातचीत और सीट शेयरिंग पर सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।
आईएनडीआईए गठबंधन का हिस्सा होने का दावा
सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस आईएनडीआईए गठबंधन का हिस्सा हैं और विपक्षी दलों के बीच समन्वय जरूरी है। उनके मुताबिक, किसानों, गरीबों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को उत्तर प्रदेश के साथ देश की राजनीति की दिशा से भी जोड़कर देखा। सुनील सिंह ने कहा कि किसानों, गरीबों और युवाओं के हितों से जुड़े सवालों को चुनावी चर्चा में प्रमुख स्थान मिलना चाहिए।
किसानों और ग्रामीण मुद्दों पर जोर
लोकदल की राजनीति में किसान और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं। सुनील सिंह ने भी मुलाकात के बाद किसानों के हितों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों से संबंधित समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों के मुद्दों को आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा।
बैठक में रोजगार और बेरोजगारी का मुद्दा भी चर्चा में रहा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और राज्य में आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े सवालों को लेकर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होने की जानकारी सामने आई है।
सीट बंटवारे पर आगे भी बातचीत
2027 के चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में विभिन्न दलों के बीच सीट बंटवारे और गठबंधन को लेकर बातचीत का दौर जारी है। ऐसे समय में लोकदल अध्यक्ष और अखिलेश यादव की मुलाकात को आगामी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों दलों के बीच सीटों का अंतिम फार्मूला क्या होगा। लोकदल ने 35 सीटों पर अपना दावा रखा है और इस पर आगे बातचीत होने की बात कही गई है। इसलिए फिलहाल इसे सीट बंटवारे की अंतिम सहमति के बजाय दावेदारी और बातचीत के चरण के रूप में देखा जाना चाहिए।
10 दिन में दूसरी मुलाकात
अखिलेश यादव और सुनील सिंह की हालिया मुलाकात कुछ ही दिनों के अंतराल में दूसरी बैठक बताई जा रही है। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई थी। सितंबर में हुई पिछली मुलाकात में भी किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की जानकारी सामने आई थी।
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल संगठनात्मक और गठबंधन स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं। लोकदल और समाजवादी पार्टी के बीच बातचीत आगे किस रूप में बढ़ती है और 35 सीटों की दावेदारी पर क्या सहमति बनती है, यह आने वाली बैठकों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल सुनील सिंह की अखिलेश यादव से मुलाकात में गठबंधन, सीट बंटवारे, किसान, गरीब, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दोनों दलों के बीच संवाद जारी रहने की बात कही गई है, जबकि सीटों को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।