सरकारी अस्पताल के हड्डी वार्ड में मेडिकल स्टाफ और तीमारदार भिड़े, डेढ़ घंटे तक हंगामा
फिरोजाबाद। सरकारी अस्पताल के हड्डी वार्ड में शनिवार सुबह मेडिकल स्टाफ और मरीज के तीमारदारों के बीच विवाद के बाद हाथापाई हो गई। घटना के बाद अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चलता रहा। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। तीमारदार ने रुपये से भरा पर्स छीनने का आरोप लगाया, जबकि नर्स ने अपने गले से चेन छीनने की शिकायत की। बाद में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. नवीन जैन ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया।
घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। हड्डी वार्ड में भर्ती सुहागनगर निवासी रविकांश मिश्रा के परिजन मरीज के पास मौजूद थे। रविकांश को एक दुर्घटना के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान डॉक्टर मरीजों का राउंड लेने वार्ड में पहुंचे और व्यवस्था को लेकर तीमारदारों से बातचीत हुई।
डॉक्टर पर अभद्रता का आरोप
रविकांश मिश्रा के परिजनों का आरोप है कि वे अपने मरीज के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान राउंड पर आए डॉक्टर ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। परिजनों ने डॉक्टर के व्यवहार का विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
तीमारदारों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने मोबाइल फोन से घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इससे मेडिकल स्टाफ नाराज हो गया और मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। इसी दौरान विवाद हाथापाई तक पहुंच गया।
हालांकि मेडिकल स्टाफ की ओर से तीमारदारों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि विवाद की शुरुआत वार्ड में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर हुई थी।
हाथापाई के बाद वार्ड में हंगामा
कहासुनी और हाथापाई के बाद मामला तेजी से बढ़ गया। तीमारदारों ने घटना का विरोध करते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही।
अस्पताल में अचानक शुरू हुए हंगामे से दूसरे मरीजों और उनके साथ आए लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई। हड्डी वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज और सामान्य गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा।
घटना की जानकारी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
पर्स छीनने का लगाया आरोप
मरीज के तीमारदार की ओर से आरोप लगाया गया कि हाथापाई के दौरान उनका रुपये से भरा पर्स छीन लिया गया। उन्होंने मेडिकल स्टाफ पर मोबाइल फोन छीनने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।
तीमारदारों का कहना था कि उन्होंने केवल कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो बनाना शुरू किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। उनका दावा है कि वीडियो बनाने का विरोध करते हुए मेडिकल स्टाफ ने उनके साथ हाथापाई की।
इन आरोपों को लेकर मौके पर काफी देर तक बहस होती रही। अस्पताल प्रशासन ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया और किसी भी तरह का विवाद आगे नहीं बढ़ाने की अपील की।
नर्स ने लगाया चेन छीनने का आरोप
दूसरी ओर मेडिकल स्टाफ की तरफ से भी तीमारदारों पर आरोप लगाए गए। एक नर्स ने दावा किया कि विवाद और धक्का-मुक्की के दौरान उसके गले से चेन छीन ली गई।
इस तरह दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सामान छीनने के आरोप लगाए। हालांकि घटना के संबंध में लगाए गए इन आरोपों की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। अस्पताल प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की।
CMS ने संभाला मामला
हंगामे की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने मेडिकल स्टाफ और मरीज के परिजनों से बातचीत की। दोनों पक्षों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद उन्हें समझाया गया।
डॉ. नवीन जैन के मुताबिक, विवाद मुख्य रूप से अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर शुरू हुआ था। उनका कहना है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे और कोई पीछे हटने को तैयार नहीं था। इसी वजह से मामूली कहासुनी बढ़ते-बढ़ते विवाद में बदल गई।
सीएमएस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति सामान्य कराई। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और विवाद समाप्त कराया गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद सामान्य हुए हालात
अस्पताल प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद करीब डेढ़ घंटे से चल रहा हंगामा शांत हुआ। इसके बाद हड्डी वार्ड में स्थिति सामान्य होने लगी और मरीजों के इलाज से संबंधित गतिविधियां दोबारा सुचारू हुईं।
सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी एक वार्ड में विवाद होने से दूसरे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शनिवार को हुई घटना के दौरान भी अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
दोनों पक्षों के आरोपों की नहीं हुई पुष्टि
पूरे मामले में तीमारदार और मेडिकल स्टाफ ने एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए हैं। तीमारदार ने रुपये से भरा पर्स छीनने का दावा किया है, जबकि नर्स ने गले से चेन छीने जाने की बात कही है। इसके अलावा डॉक्टर पर अभद्र व्यवहार और मेडिकल स्टाफ पर मोबाइल छीनने की कोशिश का आरोप भी लगाया गया।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से सामने आए बयान के अनुसार विवाद वार्ड की व्यवस्था को लेकर हुआ और बाद में बातचीत के जरिए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
घटना ने अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ और मरीजों के तीमारदारों के बीच बेहतर संवाद की जरूरत को एक बार फिर सामने रखा है। वार्ड में अनुशासन बनाए रखना जहां अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है, वहीं किसी भी असहमति की स्थिति में विवाद और हाथापाई के बजाय शिकायत की निर्धारित प्रक्रिया अपनाना जरूरी है।