उत्तर प्रदेश : स्कूल परिसर में शराब और बीयर की बोतलें मिलने के मामले ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। सरकारी स्कूल में लापरवाही और अव्यवस्था सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल में करीब 10 दिनों से मध्याह्न भोजन योजना (MDM) का वितरण नहीं किया जा रहा था, जिससे छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की व्यवस्था, सुरक्षा और प्रबंधन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के लिए बनाए गए शैक्षणिक परिसर में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्कूल परिसर में मिली शराब की बोतलें
जानकारी के अनुसार, स्कूल कैंपस में शराब और बीयर की बोतलें मिलने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर स्कूल जैसे पवित्र और सुरक्षित स्थान पर नशीले पदार्थ कैसे पहुंचे।
मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत जांच टीम भेजी। जांच के दौरान स्कूल परिसर की स्थिति और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने पाया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
प्रिंसिपल पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया। विभाग ने कहा कि स्कूल परिसर की सुरक्षा और छात्रों की सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं की निगरानी में लापरवाही बरती। इसके अलावा मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में भी अनियमितता सामने आई।
निलंबन के बाद विभागीय स्तर पर आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
10 दिनों से नहीं बंट रहा था मिड डे मील
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि स्कूल में पिछले 10 दिनों से छात्रों को मध्याह्न भोजन नहीं दिया जा रहा था। MDM योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना है ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
भोजन वितरण बंद होने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने इस पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा और व्यवस्था को जल्द सुधारने के निर्देश दिए।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।
अभिभावकों में नाराजगी
घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य से जुड़ा स्थान है, जहां सुरक्षा और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।
अभिभावकों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी करने की तैयारी की है कि परिसर की नियमित निगरानी की जाए। स्कूलों में साफ-सफाई, सुरक्षा और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं की समय-समय पर जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना प्रधानाचार्य और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में निगरानी व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना चाहिए।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल प्रिंसिपल के निलंबन के बाद विभागीय जांच जारी है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि स्कूल परिसर में शराब की बोतलें कैसे पहुंचीं और इसमें कौन लोग शामिल थे।
वहीं MDM व्यवस्था को दोबारा सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के हितों से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।