तिरंगा यात्रा की तैयारी के दौरान हादसा, गुब्बारे भरते समय हीलियम सिलिंडर फटा दो घायल
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित कालाआम चौराहा पर गुरुवार सुबह तिरंगा यात्रा की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गुब्बारे भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा हीलियम गैस का सिलिंडर अचानक फट गया। इस दुर्घटना में दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल एक युवक को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि दूसरे घायल का अस्पताल में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार सुबह करीब नौ बजे की है। कालाआम चौराहा पर तिरंगा यात्रा के शुभारंभ की तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम स्थल को सजाने के लिए गुब्बारे लगाए जा रहे थे। इसी दौरान गुब्बारे भरते समय हीलियम गैस से भरा सिलिंडर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया।
सिलिंडर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोग कुछ समय के लिए समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। धमाके के बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय कुछ भाजपा कार्यकर्ता कालाआम चौराहा पर जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र दिलेर के आने का इंतजार कर रहे थे। तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से पहले कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां अंतिम चरण में थीं। इसी दौरान यह दुर्घटना हो गई।
हादसे में घायल दोनों लोगों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों ने एक युवक की हालत गंभीर देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली के हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं, दूसरे घायल का अस्पताल के वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हीलियम गैस सिलिंडर किस वजह से फटा और इसमें किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिलिंडर सामान्य तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन अचानक उसमें विस्फोट हो गया। धमाके के कारण आसपास मौजूद लोग सहम गए। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से मौके पर जांच की और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की सामग्री के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। घटना की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सिलिंडर में तकनीकी खराबी थी या फिर किसी अन्य कारण से यह हादसा हुआ।
तिरंगा यात्रा के आयोजन को लेकर सुबह से ही कार्यकर्ताओं में उत्साह था, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने माहौल को बदल दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी रही। हालांकि, प्रशासन और आयोजकों ने स्थिति को संभाल लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलिंडर जैसे संवेदनशील उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है। छोटे आयोजनों में भी ऐसी चीजों की जांच और सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घायलों के इलाज पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि सिलिंडर फटने की वास्तविक वजह क्या थी और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।