सेवा निवृत्त नहीं होता है शिक्षक, समाज को देता रहता है ज्ञान की रोशनी: महेश्वर प्रताप शाही

Update: 2025-03-31 17:15 GMT
Kushinagar राजापाकड़ /कुशीनगर: शिक्षक कभी सेवा निवृत्त नहीं होता। वह जीवन पर्यंत अपने ज्ञान और अनुभव से समाज को अभिसिंचित करता रहता है। यही बातें फतेह मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रबंधक महेश्वर प्रताप शाही ने सोमवार को राज दरबार में आयोजित सेवा निवृत्त शिक्षकों के विदाई समारोह में कहीं।
श्री शाही ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक का जीवन समाज के प्रति समर्पित होता है। वह अपनी सेवा के दौरान सिर्फ छात्रों को शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि उन्हें नैतिकता, अनुशासन और संस्कारों की सीख भी प्रदान करता है। सेवा निवृत्त होने के बाद भी शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं होती, बल्कि वह अपने अनुभवों के माध्यम से समाज में जागरूकता और ज्ञान का प्रसार करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्ति जीवन का एक पड़ाव है, जहां से व्यक्ति को समाज और परिवार के प्रति नई जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिलता है।
यह बातें उन्होंने कॉलेज से सेवा निवृत्त हो रहे शिक्षक सुदामा प्रसाद चौरसिया एवं सीपीएन सिंह के विदाई समारोह के दौरान व्यक्त कीं। उन्होंने दोनों शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए शिक्षा और संस्कार की रोशनी से अनेकों विद्यार्थियों का जीवन आलोकित हुआ है। उन्होंने शिक्षकों को जीवन के नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि अब वे अपने जीवन की अन्य जिम्मेदारियों को निभाने में समुचित योगदान दे सकेंगे।
कार्यक्रम में रमाकांत पटेल, अभिषेक आनंद पाठक, अरविंद सिंह पटेल, पारसनाथ पांडेय आदि ने भी शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर भीम गुप्ता, आलोक मिश्र, हरिकेश प्रसाद, एएन राय, अमरजीत कुशवाहा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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