अयोध्या : आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों को भी सम्मान मिला। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। उन्होंने स्थापना दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया।

स्थापना दिवस समारोह में उत्सव के साथ विश्वविद्यालय के विकास का संदेश भी दिया गया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान और कृषि तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उनके संबोधन में सामूहिक प्रयास और संस्थान की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर रहा। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर को भविष्य के लिए संकल्प लेने से जोड़ा और विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सभी की भूमिका का महत्व बताया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा से समारोह में उत्साह का रंग भरा। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया और स्थापना दिवस के आयोजन को विशेष बनाया। विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर विद्यार्थियों की भागीदारी ने समारोह को जीवंत स्वरूप दिया। इस अवसर पर शैक्षणिक संस्थान के उत्सव में उनकी रचनात्मक प्रतिभा भी सामने आई। प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के साथ कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की प्रगति के प्रति संकल्प का संदेश प्रमुख रहा।
समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान था। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 17 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इसके साथ उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी गई। कर्मचारियों के कार्यों को पहचान देने के लिए स्थापना दिवस का अवसर चुना गया। इस सम्मान के माध्यम से विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य के महत्व को सामने रखा गया। संस्थान की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास के आह्वान के बीच कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित किया जाना कार्यक्रम का उल्लेखनीय पक्ष रहा।
कुलपति ने स्थापना दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाने की बात कही। उनका आह्वान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी से जुड़ा था। उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान और कृषि तकनीक को विश्वविद्यालय की प्रगति के प्रमुख क्षेत्र बताया। इन क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने को कहा। संबोधन में किसी एक व्यक्ति के प्रयास की अपेक्षा संस्थान से जुड़े सभी लोगों की साझा भूमिका पर बल दिया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने का संदेश कुलपति के संबोधन का प्रमुख हिस्सा रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति को सामूहिक प्रयास से जोड़ते हुए सभी को इसमें योगदान देने का आह्वान किया। कृषि एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े संस्थान के लिए शिक्षा का क्षेत्र उसके मूल कार्यों में शामिल है। स्थापना दिवस पर इसी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का लक्ष्य सामने रखा गया। समारोह में विद्यार्थियों की प्रतिभा और कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों को मिले सम्मान के बीच यह संदेश विशेष महत्व रखता है।
अनुसंधान को भी कुलपति ने विश्वविद्यालय के विकास के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया। उन्होंने शिक्षा के साथ अनुसंधान में आगे बढ़ने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई। स्थापना दिवस पर दिया गया यह संदेश संस्थान की शैक्षणिक भूमिका और शोध से जुड़े कार्यों को एक साथ आगे ले जाने पर केंद्रित रहा। विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए उन्होंने साझा प्रयास की बात दोहराई। इस तरह समारोह में उत्सव के साथ संस्थान के कार्यक्षेत्रों पर भी ध्यान रहा।
कृषि तकनीक के क्षेत्र में प्रगति का संकल्प भी संबोधन में प्रमुखता से सामने आया। कुलपति ने शिक्षा और अनुसंधान के साथ कृषि तकनीक का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय के विकास के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता बताई। उनका संदेश इन तीनों क्षेत्रों में संस्थान को आगे बढ़ाने से संबंधित था। स्थापना दिवस को संकल्प दिवस का स्वरूप देने की अपील इसी उद्देश्य से जुड़ी रही। विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए मिलकर प्रयास करने की बात समारोह में भविष्य के प्रति जिम्मेदारी का संदेश बनी।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और कर्मचारियों के सम्मान ने आयोजन के दो महत्वपूर्ण पक्षों को सामने रखा। एक ओर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा से समारोह में उत्साह भरा, वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि मिली। कुलपति के संबोधन ने इन दोनों पक्षों को विश्वविद्यालय की सामूहिक प्रगति के व्यापक उद्देश्य से जोड़ा। स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिभा, कार्य और संस्थान के विकास के प्रति संकल्प को महत्व दिया गया।
शनिवार को आयोजित इस समारोह में हर्षोल्लास के साथ विश्वविद्यालय के भविष्य को लेकर प्रतिबद्धता का संदेश रहा। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सभी से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। शिक्षा, अनुसंधान और कृषि तकनीक में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की बात कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश बनी। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बनाया, जबकि 17 कर्मचारियों का सम्मान उनके उत्कृष्ट कार्यों की पहचान रहा। स्थापना दिवस समारोह उत्सव के साथ विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए संकल्प लेने का अवसर बना।