लखनऊ: राजधानी के फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोगों के सामने सांपों की मौजूदगी से जुड़ी परेशानी बढ़ गई है। घरों और आसपास के स्थानों पर सांप दिखाई देने की सूचनाओं पर वन विभाग की टीमों ने रेस्क्यू किया है। प्रकाशित रिपोर्ट में अवध के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय के हवाले से बताया गया कि कोबरा, कॉमन करैत, रसल वाइपर और अजगर सहित 110 सांप पकड़े गए। यह आंकड़ा 27 से 29 अक्टूबर के बीच प्रकाशित रिपोर्टों में दिया गया है। इसे एक दिन या किसी एक घर में मिले सांपों की संख्या नहीं समझना चाहिए। 
बाढ़ के दौरान प्रभावित घरों और आसपास की जगहों में सांप पहुंच गए थे। पानी घटने के बाद उनकी मौजूदगी का पता चलने लगा। कीचड़ और गड्ढों के कारण छिपे हुए सांपों को ढूंढने तथा सुरक्षित निकालने में कठिनाई भी आई। वन विभाग को सूचना मिलने पर कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विभागीय अधिकारी ने बताया कि बाढ़ के बाद सांप दिखाई देना असामान्य नहीं है, लेकिन फैजुल्लागंज में उनकी संख्या अधिक मिली। इसी वजह से प्रभावित इलाके में निगरानी और रेस्क्यू की व्यवस्था की गई। बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए घरों को दोबारा व्यवस्थित करना पहले से चुनौती बना हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दिन में साफ-सफाई और सामान ठीक करने में समय निकल जाता है, जबकि रात में सांप आने की आशंका रहती है। कुछ घरों में बिजली नहीं होने से टॉर्च का सहारा लेना पड़ा। लोगों ने दरवाजों और खिड़कियों के आसपास की खाली जगह बंद करने की कोशिश की। हालांकि, सांपों की मौजूदगी के कारण हर घर को समान रूप से प्रभावित या पूरे इलाके को एक जैसा असुरक्षित मानना सही नहीं होगा। 
सेप्टिक टैंकों के आसपास भी सांप मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में महापौर सुषमा खर्कवाल के हवाले से प्रभावित क्षेत्र में टैंकों की मुफ्त सफाई कराने का निर्णय बताया गया। इस घोषणा को पूरे शहर में हर प्रकार की सफाई मुफ्त होने के नियम के तौर पर नहीं समझना चाहिए। सफाई और रेस्क्यू का काम संबंधित विभाग तथा प्रशिक्षित कर्मचारियों से कराना जरूरी है। किसी टैंक में सांप होने की आशंका पर व्यक्ति को खुद अंदर उतरने या हाथ डालकर जांच करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने, मारने या पास जाकर तस्वीर लेने से जोखिम बढ़ सकता है। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और बच्चों तथा पालतू जानवरों को वहां से दूर करें। वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यूकर्मी की मदद लें। केवल रंग, आकार या फोटो देखकर आम व्यक्ति के लिए प्रजाति और खतरे का सही आकलन करना मुश्किल हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात चिकित्सा प्रोटोकॉल में भी सांप को पकड़ने या अस्पताल तक साथ लाने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है। पहचान की कोशिश में उपचार या सहायता मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। 
घर के आसपास बचाव के लिए झाड़ियां और लंबी घास साफ रखना तथा लकड़ी और मलबे के ढेर रहने की जगह से दूर रखना उपयोगी है। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और अंधेरे में नंगे पैर चलने से बचें। गोंदिया जिला प्रशासन की सर्पदंश संबंधी सलाह में खेतों में काम करते समय जूते और लंबी पैंट पहनने तथा आसपास सफाई रखने जैसे उपाय बताए गए हैं। बाढ़ के बाद सामान हटाते समय भी सतर्क रहें। ऐसी जगह, जहां अंदर दिखाई न दे, सीधे हाथ डालने के बजाय सुरक्षित तरीके से जांच कराएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, घर में सांपों के प्रवेश की जगहें बंद करना सर्पदंश का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है। जहां यह तुरंत संभव न हो, वहां ऊंचे सोने के स्थान और ठीक से दबाई गई मच्छरदानी का उपयोग भी बचाव में सहायक हो सकता है। यह उपाय विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी बताया गया है जहां सांप घरों में पहुंचते हैं। लेकिन किसी कमरे में सांप दिखाई दे चुका हो तो केवल मच्छरदानी लगाकर उसी कमरे में रहना पर्याप्त समाधान नहीं है; पहले सुरक्षित रेस्क्यू की जरूरत होगी।
यदि सांप काटने का संदेह हो तो इसे तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत वाली स्थिति मानें। पीड़ित को शांत रखें, चलने-दौड़ने से रोकें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। सूजन आने की संभावना को देखते हुए अंगूठी, कड़ा या अन्य कसी हुई वस्तुएं सावधानी से हटाएं। इसके बाद जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें। लक्षण दिखाई देने का इंतजार करना उचित नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, उचित चिकित्सा और जरूरत के अनुसार एंटीवेनम से विष के गंभीर प्रभावों का उपचार किया जा सकता है। सर्पदंश के बाद घाव काटना, मुंह से विष चूसना, कसकर रस्सी बांधना या झाड़-फूंक में समय गंवाना खतरनाक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ऐसे तरीकों से बचने और बिना देरी चिकित्सा केंद्र पहुंचने की सलाह देता है। फैजुल्लागंज में सामने आए मामलों के बीच स्थानीय निगरानी के साथ नागरिकों की सावधानी महत्वपूर्ण है। 110 सांपों के रेस्क्यू का आंकड़ा लोगों को सतर्क करने वाला है, लेकिन घबराहट की जगह सुरक्षित व्यवहार अपनाना जरूरी है। सांप दिखने पर प्रशिक्षित मदद और काटने पर तत्काल अस्पताल—यही प्राथमिक कदम होने चाहिए।
Tags: