चेन्नई। तमिलनाडु में रेल यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण रेलवे (सदर्न रेलवे) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन ने घोषणा की है कि चेन्नई, पोदानूर, तिरुनेलवेली और मेट्टुपालयम सहित प्रमुख मार्गों पर संचालित आठ स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों की सेवाओं को पूरे अगस्त महीने तक बढ़ा दिया गया है। इस निर्णय से विशेष रूप से सप्ताहांत और त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और टिकटों की अधिक मांग को ध्यान में रखते हुए पहले से संचालित कुछ विशेष ट्रेनों का परिचालन निर्धारित अवधि से आगे भी जारी रखा जाएगा। रेलवे का मानना है कि अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा और यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में सुविधा होगी।
रेलवे के अनुसार, पोदानूर और चेन्नई सेंट्रल के बीच संचालित विशेष एक्सप्रेस ट्रेनों की सेवाओं को अगस्त के अंतिम सप्ताह तक बढ़ा दिया गया है। पोदानूर से चेन्नई सेंट्रल जाने वाली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 06028, जो प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होती है, अब 7 अगस्त से 30 अगस्त तक अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलती रहेगी।
इसी प्रकार, चेन्नई सेंट्रल से पोदानूर के लिए चलने वाली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 06027 की सेवाओं को भी समान अवधि के लिए बढ़ा दिया गया है। यह ट्रेन भी 7 अगस्त से 30 अगस्त तक नियमित रूप से संचालित होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों ट्रेनों के विस्तार से चेन्नई और पश्चिमी तमिलनाडु के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा दक्षिणी जिलों के यात्रियों के लिए भी अच्छी खबर है। तिरुनेलवेली और मेट्टुपालयम के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन का परिचालन भी अगस्त महीने तक जारी रहेगा। तिरुनेलवेली से मेट्टुपालयम जाने वाली स्पेशल ट्रेन संख्या 06030, जो प्रत्येक रविवार को संचालित होती है, अब 2 अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगी। वहीं, मेट्टुपालयम से तिरुनेलवेली लौटने वाली वापसी स्पेशल ट्रेन 3 अगस्त से 31 अगस्त तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन मार्गों पर पिछले कुछ समय से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से सप्ताहांत, अवकाश और धार्मिक यात्राओं के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसी कारण अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का परिचालन जारी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें और यात्रा सुगम बनाई जा सके।
चेन्नई, कोयंबटूर, पोदानूर, तिरुनेलवेली और मेट्टुपालयम तमिलनाडु के प्रमुख शहरों में शामिल हैं। इन शहरों के बीच बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यवसायी और पर्यटक नियमित रूप से यात्रा करते हैं। इसके अलावा कई लोग सप्ताहांत पर अपने गृह नगर जाने के लिए भी रेल सेवा का उपयोग करते हैं। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों का विस्तार यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
रेलवे का कहना है कि अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस, लगातार छुट्टियों और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए अग्रिम योजना के तहत विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रखने का फैसला लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से समय रहते आरक्षण कराने की अपील भी की है। उनका कहना है कि स्पेशल ट्रेनों में भी यात्रियों की अच्छी मांग देखी जा रही है। इसलिए यात्रा की योजना बनाने वाले लोग पहले से टिकट बुक करा लें, ताकि अंतिम समय में असुविधा का सामना न करना पड़े।
दक्षिण रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कोच जोड़ने, विशेष ट्रेनों का संचालन करने और व्यस्त मार्गों पर सेवाओं का विस्तार करने जैसे निर्णय समय-समय पर लिए जा रहे हैं। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है।
यात्रियों ने भी रेलवे के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और भीड़भाड़ वाली नियमित ट्रेनों पर निर्भरता कम होगी। विशेष रूप से सप्ताहांत में यात्रा करने वाले लोगों को इससे काफी लाभ मिलेगा।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय और आरक्षण की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें। यदि भविष्य में यात्रियों की संख्या में और वृद्धि होती है, तो आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सेवाओं पर भी विचार किया जा सकता है।
अगस्त महीने के लिए स्पेशल ट्रेनों की सेवाओं का विस्तार दक्षिण रेलवे की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत बढ़ती यात्री मांग के अनुरूप रेल सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे हजारों यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलने के साथ-साथ प्रमुख मार्गों पर भीड़ का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।