तंजावुर: मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस ए.टी. जगदीश चंद्र ने शनिवार को यहां कहा कि वकीलों के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस की बहस करने के लिए अंग्रेजी भाषा में महारत हासिल होना ज़रूरी है।

जस्टिस चंद्र ने तंजावुर बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में तंजावुर के सीनियर वकील स्वर्गीय वी.एस. रामलिंगम की तस्वीर का अनावरण किया। उन्होंने वीएसआर के नेतृत्व, ज्ञान की चाहत, मिलनसार स्वभाव और सिद्धांतों व नैतिकता के पालन को याद किया।

जस्टिस चंद्र ने तंजावुर के वकील नागामुथु का उदाहरण दिया, जो अंग्रेजी में अपने ज्ञान और महारत के कारण सुप्रीम कोर्ट के जज बने। उन्होंने कहा, "मैं सहमत हूं कि तमिलनाडु में कोर्ट की भाषा तमिल होनी चाहिए। साथ ही, अंग्रेजी भी ज़रूरी है। मैं अन्नादुरई की दो-भाषा नीति से सहमत हूं।"

जस्टिस अकबर अली ने वीएसआर पर एक किताब जारी की। सीनियर वकील के. वैद्यलिंगम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पूर्व विधायक एम. रामचंद्रन, तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल की प्रशासनिक समिति के सदस्य वेलु कार्तिकेयन और वकील एम.आर.आर. सुब्रमण्यन, नल्लादुरई, पी. वदिवेल और सी. जयचंद्रन ने इसमें हिस्सा लिया।

तंजावुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वी. जीवाकुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया।

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