जयपुर. पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 महानगर द्वितीय (POCSO Court Decision) ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त महेन्द्र प्रसाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इसी तरह पॉक्सो कोर्ट क्रम-3 महानगर प्रथम ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप करने वाले अभियुक्त फरीद खान और अनीश खान को बीस साल की सजा के साथ कुल एक लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. वहीं अदालत ने दो अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है.
मामले के अनुसार पीड़िता के पिता ने रामगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसमें बताया गया है कि 6 मई 2021 को पीड़िता घर से बाहर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 29 जून, 2021 को पीड़िता को एमपी के श्योपुर से बरामद कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया. डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट में आया कि अभियुक्त ने उसके साथ कई बार संबंध बनाए थे. सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अभियुक्त के साथ मर्जी से जाना और साथ रहना स्वीकार किया. इस पर अदालत ने डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को सजा देते हुए कहा कि नाबालिग की सहमति कानून में कोई महत्व नहीं रखती है.
वहीं दूसरे मामले में पीड़िता की मां ने दस जुलाई 2019 को खोनागारियान थाने में पीड़िता के साथ गैंगरेप का मामला दर्ज कराया था. रिपोर्ट में बताया गया कि 7 जुलाई को पीड़िता निजी अस्पताल से काम कर लौट रही थी. रास्ते में अभियुक्तों ने उसका अपहरण कर लिया और उसके साथ कार में दुष्कर्म किया. इसके बाद उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी की. इसके चलते पीड़िता रात को अस्पताल में अपनी बहन के पास रुक गई. रात को तबीयत खराब होने के बाद अगले दिन पीड़िता ने गैंगरेप की जानकारी परिजनों को दी.


Source: etvbharat.com

Tags: