राजनंदनी ने फल-सब्जी की दुकान से हासिल की आत्मनिर्भरता
दो लाख के कर्ज से शुरू की दुकान, राजनंदनी ने बनाई अपनी पहचान
यमुनानगर: यमुनानगर में हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ऋण एवं अनुदान योजना की मदद से फर्कपुर निवासी राजनंदनी ने फल-सब्जी की दुकान शुरू कर स्वरोजगार अपनाया है। उपायुक्त प्रीति ने मंगलवार को बताया कि निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए दो लाख रुपये के ऋण एवं अनुदान से राजनंदनी को रोजगार शुरू करने और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिली है।
उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण और अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
राजनंदनी ने बताया कि पहले उनके परिवार के पास आय का कोई नियमित साधन नहीं था और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल होता था। स्वरोजगार शुरू करने के लिए उन्होंने हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अधिकारियों से संपर्क किया। उनके अनुसार, अधिकारियों ने ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग किया और फल-सब्जी की दुकान शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि दुकान शुरू होने के बाद परिवार की आमदनी में सुधार हुआ है और अब घर का खर्च चलाने में पहले की तुलना में आसानी हो रही है। राजनंदनी ने कहा कि वह अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी सरकारी स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेंगी।
उन्होंने महिलाओं से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और अन्य स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता से महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
जिला प्रशासन ने भी महिलाओं से सरकारी स्वरोजगार और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने की अपील की है।