गणेश चतुर्थी पर बदला नौगावां सांवरिया दरबार का रंग, राजस्थानी ठाठ में सजे गणपति, मोदकों का लगाया भोग
भीलवाड़ा । गणेश चतुर्थी पर माधव गोशाला स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में गणपति महाराज का दरबार राजस्थानी संस्कृति और भक्ति के रंगों से सजा नजर आया। जलझूलनी एकादशी मेले एवं गणेशोत्सव के तहत सोमवार को मंदिर के प्रवेश द्वार और गर्भगृह के बाहर विराजमान भगवान श्री गणेश का पंडित आनंद के सानिध्य में आकर्षक श्रृंगार किया गया। गणपति महाराज को सुनहरे गोटे से सजी लाल रंग की नवीन पोशाक धारण कराई गई। मस्तक पर गहरे लाल रंग की राजस्थानी शैली की पाग सजाई गई, जिस पर सफेद मोतियों का काम, मुकुट, मोर शिखा और कलंगी आकर्षण का केंद्र रही। गले में बहुपरतीय मोतियों के कंठहार व अन्य आभूषण पहनाए गए। दोनों ओर पीले और गुलाबी पुष्पों की मालाओं से श्रृंगार किया गया। पत्थर के मेहराबदार आले में लाल वस्त्र की पृष्ठभूमि पर सफेद फूलों और कमल की कलियों की सजावट ने पूरे परिसर में राजस्थानी सौंदर्य और भक्तिभाव का वातावरण बना दिया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद गणपति महाराज को मोदकों का भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। जलझूलनी एकादशी के तहत 17 सितंबर को मंदिर परिसर में 11 विद्वान पंडितों के सानिध्य में 1008 मोदक गणपति महायज्ञ होगा। 19 सितंबर को प्रभु श्री सांवरिया सेठ एवं गणपति महाराज को 56 भोग धराया जाएगा। इसके बाद महाआरती और महाप्रसाद का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुर क्षेत्र की ओर संचालित नगर ई-बसों के फेरे बढ़ाकर रूट को नौगांवा मार्ग तक विस्तारित किया गया है। इससे माधव गोशाला और सांवरिया सेठ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी। मंदिर समिति ने धर्मप्रेमी जनता से धार्मिक आयोजनों में शामिल होने की अपील की है।