Kota: कलेक्टर ने अंतर विभागीय बैठक में जल, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए
Kota कोटा । जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में बुधवार को अंतर विभागीय समन्वय एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने पीएचईडी विभाग को निर्देश दिए कि ब्लॉक और जिला स्तर पर जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए तथा प्राप्त शिकायतों के रिस्पांस टाइम की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि कोटा शहरवासियों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति होने वाले क्षेत्रों में टैंकर पूरी तरह भरे हों और उनके राउंड की जीपीएस ट्रैकिंग से सतत निगरानी की जाए। उन्होंने ट्यूबवेल एवं हैंडपंप की कार्य स्थिति की जानकारी लेते हुए मरम्मत कार्य शीघ्र करवाने के निर्देश दिए।
गर्मी से बचाव के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों की व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने विभागों को निर्देशित किया कि वे आश्रयस्थलों का निरीक्षण करें तथा वहां उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, फर्स्ट एड किट और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित समीक्षा करें।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि डेंगू नियंत्रण हेतु नियमित सर्वे कराएं जाएं एवं लू व तापघात से बचाव को लेकर स्कूली व महाविद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी चिकित्सा संस्थानों में ओआरएस घोल, आईवी फ्लूइड सहित आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कलक्टर ने कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) एवं नगर निगम को निर्देश दिए कि मानसून से पूर्व सभी नालों की सफाई करवाई जाए तथा नालों के किनारों पर बांस सहित अन्य पौधों का पौधारोपण कर सौंदर्यीकरण किया जाए। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि कंट्रोल रूम में प्राप्त बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की निगरानी नियमित रूप से की जाए।।उन्होंने शहर में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्पीड ब्रेकरों की मार्किंग के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने पर भी बल दिया गया। उन्होंने सभी विभागों को सजग रहने और विभागीय स्तर पर एकता बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि हाल ही में पहलगांव में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संदर्भ में सभी अधिकारियों और कार्मिकों को सोशल मीडिया पर संयम बरतना चाहिए। ऐसी कोई भी पोस्ट न शेयर करें और न ही प्रतिक्रिया दें जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। भारत की पहचान सांप्रदायिक सौहार्द में निहित है, अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की आपसी वैमनस्यता न पनपे।
उन्होंने संपर्क पोर्टल और राजकाज पोर्टल पर ई-फाइलिंग की प्रगति एवं रिस्पांस टाइम की समीक्षा करते हुए कहा कि जनसुनवाई स्तर के प्रकरणों की समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई विभाग निर्धारित समय पर निस्तारण नहीं करता है तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करना होगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।