भीलवाड़ा । वस्त्रनगरी भीलवाडा शहर की सरकार चुनने का मौका आया तो लोकतंत्र के महापर्व में भीलवाड़ा ने उत्साह दिखाया। बुधवार को नगर निगम आम चुनाव-2026 के मतदान के दौरान सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग ही नहीं, दिव्यांग मतदाता भी तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ मतदान केंद्र तक पहुंचे। व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंची 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला मतदाता लोकतांत्रिक जज्बे की मिसाल बनीं। मतदान के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए उनके चेहरे पर नजर आई मुस्कान ने हर किसी को मतदान के महत्व का संदेश दिया। मतदान के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते मतदाताओं के चेहरे पर संतोष नजर आया। किसी ने उम्र की परवाह नहीं की तो किसी ने शारीरिक परेशानी को आड़े नहीं आने दिया। मतदान केंद्रों से सामने आई इन तस्वीरों ने लोकतंत्र में हर वोट की ताकत का संदेश दिया। मतदान केंद्रों की ओर जाते बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने लोकतंत्र के प्रति जागरूकता की तस्वीर पेश की। ‘पहले मतदान, फिर जलपान’ के संदेश के साथ मतदाताओं ने मतदान को प्राथमिकता दी। बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह खास तौर पर प्रेरणादायी रहा। मतदान के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते बुजुर्गों ने युवाओं को भी मतदान के लिए प्रेरित किया। लोकतंत्र को मजबूत करने में प्रत्येक मत की अहमियत बताते हुए मतदाताओं ने मतदान को जिम्मेदारी के साथ निभाया। नगर निगम चुनाव को लेकर मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर के 265 मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। शाम 6 बजे मतदान समाप्त होते ही ईवीएम मशीनों को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। इसके बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी और प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला सामने आएगा।

उम्र नहीं बनी बाधा, व्हीलचेयर पर पहुंचीं मतदान केंद्र

उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयां भी लोकतंत्र के प्रति आस्था को नहीं डिगा सकीं। मतदान केंद्र पर पहुंची बुजुर्ग महिला ने स्वास्थ्य और उम्र की चुनौतियों के बावजूद अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद उन्होंने स्याही लगी उंगली दिखाकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उनकी तस्वीर और जज्बा वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। बुजुर्ग मतदाता ने मानो यह संदेश दिया कि मतदान का अधिकार उम्र या शारीरिक कठिनाई से बड़ा है।

संत-महात्माओं ने भी निभाई जिम्मेदारी

नगर निगम चुनाव के तहत हरिशेवा धर्मशाला स्थित मतदान केंद्र पर बुधवार सुबह उस समय अनूठा नजारा देखने को मिला, जब हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में संतों ने मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के साथ संत मयाराम, संत राजाराम, मेघराज, मिहिर और रोमा ने मतदान किया। मतदान के बाद संतों ने आमजन से भी लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। संतों ने कहा कि मतदान प्रत्येक नागरिक का सबसे बड़ा संवैधानिक अधिकार होने के साथ लोकतंत्र के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। राष्ट्र और शहर के विकास के लिए प्रत्येक मतदाता को बिना किसी दबाव के अपने विवेक से मतदान करना चाहिए। अपने मत का सही इस्तेमाल ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है।

पहली बार बीगोद नगर पालिका का चुनाव, उमड़ा जबर्दस्त जोश

91.49 फीसदी मतदान ने रचा रिकॉर्ड जैसा नजारा, 12,511 मतदाताओं ने डाला वोट

पहली बार नगर पालिका बनने के बाद बीगोद में हुए चुनाव को लेकर मतदाताओं में जबर्दस्त उत्साह नजर आया। नए नगर निकाय के पहले चुनाव में लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। शाम 6 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीगोद में 12,511 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और मतदान प्रतिशत 91.49 फीसदी पहुंच गया। मतदान का यह आंकड़ा बीगोद के लोगों के उत्साह और लोकतांत्रिक भागीदारी की तस्वीर पेश करता है। बीगोद के लिए यह चुनाव इसलिए भी खास रहा कि नगर पालिका बनने के बाद यह पहला चुनाव था। नई नगर पालिका के गठन के बाद पहली बार अपने स्थानीय प्रतिनिधि चुनने को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही और शाम तक लोगों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

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