Ajmer अजमेर : आज बकरीद है, इस मौके पर मुस्लिम समुदाय द्वारा परंपरागत रूप से कुर्बानी दी जाती है, जो त्याग और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। नमाज के बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए और कुर्बानी की रस्में निभाईं।
अजमेर शहर के केसरगंज स्थित ईदगाह में शनिवार सुबह ईद उल अजहा (बकरीद) की नमाज शांतिपूर्ण और धार्मिक उत्साह के साथ अदा की गई। सुबह से ही नमाजियों का ईदगाह में पहुंचना शुरू हो गया था और हजारों की संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज में हिस्सा लिया। नमाज के दौरान देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय द्वारा परंपरागत रूप से कुर्बानी दी जाती है, जो त्याग और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।
नमाज के बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए और कुर्बानी की रस्में निभाईं। पर्व के मद्देनज़र ईदगाह और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। मौके पर एडीएम सिटी गजेंद्र सिंह राठौड़, एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़, सीओ ओमप्रकाश सहित अनेक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर अजमेर दरगाह के प्रमुख उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने केंद्र सरकार द्वारा माइनॉरिटी प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च किए गए पोर्टल की सराहना की। उन्होंने इसे पारदर्शिता और संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। चिश्ती ने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे अपनी संपत्तियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराएं ताकि उन्हें संरक्षण मिल सके।