Ludhiana.लुधियाना: गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (वेट यूनिवर्सिटी) ने पशुओं के खुरों (hooves) के मैनेजमेंट पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में देश-विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और पशु स्वास्थ्य से जुड़े वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पशुओं के खुरों की देखभाल, बीमारियों की रोकथाम और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था। विशेषज्ञों ने खुरों की सही देखभाल से पशुओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।
Punjab में पशुपालन एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है, और ऐसे में पशु स्वास्थ्य से जुड़ी उन्नत जानकारी किसानों और पशुपालकों के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जाती है।
कार्यशाला के दौरान विदेशी विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों से पशुओं के खुरों से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाएं छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर की जानकारी प्रदान करती हैं, जिससे वे बेहतर शोध और नवाचार कर सकें।
कार्यक्रम में लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया, जिसमें खुरों की जांच और उपचार की आधुनिक विधियों को प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया।
विशेषज्ञों ने कहा कि पशु स्वास्थ्य में सुधार सीधे तौर पर डेयरी और पशुपालन उद्योग की उत्पादकता को बढ़ाता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है।
कुल मिलाकर, लुधियाना स्थित वेट यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई, जिसने शोध और व्यवहारिक ज्ञान को एक साझा मंच प्रदान किया।
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