Punjab पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने रविवार को पंजाब पुलिस द्वारा शेरों गांव के नशा-विरोधी कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह को हिरासत में कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने संगरूर में SSP ऑफिस के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और न्याय व जवाबदेही की मांग की। उनके साथ फिल्लौर के विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी, पूर्व विधायक जीतमोहिंदर सिंह सिद्धू और सुरिंदर पाल सिंह सिबिया; तथा कांग्रेस के अन्य नेता जैसे हरिंदर पाल सिंह हैरी मान, राजिंदर दीपा, कमल धालीवाल और कमलजीत चावला भी मौजूद थे।
बाजवा ने कहा कि यह घटना इस बात का चौंकाने वाला उदाहरण है कि पंजाब में असहमति की आवाज़ को किस तरह दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ज्यादतियां, नागरिकों को डराना-धमकाना और मीडिया नैरेटिव को अपने हिसाब से चलाने की कोशिशें AAP और BJP-शैली के शासन की पहचान बनती जा रही हैं। बाजवा ने कहा, "आम आदमी पार्टी का जन्म विरोध-प्रदर्शनों, आंदोलनों और जन-आंदोलनों से हुआ था। इसके नेताओं ने सरकारों से सवाल पूछकर और सड़कों पर उतरकर अपना राजनीतिक करियर बनाया था। आज, वही पार्टी पुलिस का इस्तेमाल करके उन पंजाबियों की आवाज़ दबा रही है जो उसकी सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत करते हैं। यह पाखंड के अलावा और कुछ नहीं है।"