जालंधर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े मंच के कथित शुद्धिकरण और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में जालंधर कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर के देश भगत यादगार हॉल में कांग्रेस की रोष रैली आयोजित की गई, जिसमें जिले के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने किया।

कांग्रेस नेताओं ने दोनों घटनाओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। पार्टी का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया जाना दलित समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है। इसके साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।

देश भगत यादगार हॉल में आयोजित धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी की योजना धरने के बाद शहर में रोष मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराने की भी है।

चरणजीत सिंह चन्नी ने संभाली प्रदर्शन की कमान

रोष रैली का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता देश भगत यादगार हॉल में एकत्र हुए। जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों और संगठनात्मक इकाइयों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में पहुंचे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से जुड़े मामलों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

रैली में शामिल नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार सभी को है। किसी राजनीतिक नेता के बयान या गतिविधि को लेकर कानूनी कार्रवाई होती है तो वह कानून और संविधान के दायरे में होनी चाहिए।

खड़गे से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस नाराज

कांग्रेस नेताओं की नाराजगी का प्रमुख कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के कथित शुद्धिकरण का मामला है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह घटना केवल किसी एक नेता का अपमान नहीं, बल्कि दलित समाज के सम्मान से जुड़ा विषय है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर रैली में जोरदार विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं।

कांग्रेस इस मुद्दे को सामाजिक सम्मान से जोड़कर उठा रही है। नेताओं ने कहा कि जाति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता और ऐसी मानसिकता के खिलाफ राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

राहुल गांधी पर FIR का भी विरोध

रैली का दूसरा प्रमुख मुद्दा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का रहा। कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।

कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और एफआईआर का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहे हैं और विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को कमजोर करने के लिए कानूनी मामलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि संबंधित एफआईआर के कानूनी तथ्यों का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

धरने के बाद रोष मार्च की तैयारी

देश भगत यादगार हॉल में धरना देने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से शहर में रोष मार्च निकालने का कार्यक्रम भी रखा गया। इसके माध्यम से पार्टी दोनों मुद्दों को आम लोगों के बीच ले जाने की तैयारी में है।

कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में पहुंचने के कारण कार्यक्रम स्थल पर राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कांग्रेस के झंडे और बैनर लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के समर्थन और केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए।

रैली को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में गतिविधियां भी बढ़ गईं। पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित करने और आगे के कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे रहे।

केंद्र सरकार पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस नेताओं ने रैली के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्ष के प्रति उसके रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक असहमति को स्वीकार करने के बजाय विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी सड़क से लेकर संसद तक जनता और संविधान से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी। खड़गे और राहुल गांधी से जुड़े दोनों मामलों को लेकर भी पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।

पार्टी ने खड़गे के मंच के कथित शुद्धिकरण के मामले को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए इसे बड़े स्तर पर उठाने के संकेत दिए हैं।

सियासी माहौल गरमाया

जालंधर में कांग्रेस की इस रोष रैली के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के स्वयं प्रदर्शन की कमान संभालने से पार्टी ने दोनों मुद्दों को लेकर अपनी गंभीरता का संकेत दिया है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ किसी भी कथित अपमानजनक कार्रवाई या कानूनी कदम का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। फिलहाल देश भगत यादगार हॉल से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शहर में रोष मार्च के जरिए आगे बढ़ाने की तैयारी है।

इस प्रदर्शन के साथ कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के कथित शुद्धिकरण और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के मुद्दे को पार्टी राजनीतिक रूप से मजबूती से उठाएगी। आने वाले दिनों में इन मामलों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

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