अमृतसर: पंजाब पुलिस को एक खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है। SSP कमलप्रीत सिंह चहल की अगुवाई में चलाए गए इस ऑपरेशन में सीमा पार से तस्करी करके लाई गईं 15 अत्याधुनिक पिस्तौल और पांच किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।
IG बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पाकिस्तान और उत्तरी अमेरिका में बैठे हैंडलर्स से जुड़े सीमा पार तस्करी नेटवर्क को चलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सीमावर्ती गांव रोहरावाली का एक वेल्डर और अमृतसर का एक मोबाइल शॉप मालिक शामिल है।
भुल्लर ने ANI को बताया, "सीमा पार से तस्करी करके भारतीय इलाके में गिराई गईं 15 पिस्तौल बरामद की गई हैं। ये बहुत ही अत्याधुनिक हथियार हैं। इसके अलावा, पांच किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की गई है।"
उन्होंने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक की पहचान 24 वर्षीय दीपक सिंह के तौर पर हुई है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के पास रोहरावाली गांव का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, दीपक वेल्डर का काम करता है और उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
दूसरे आरोपी की पहचान शुभप्रीत उर्फ ​​शुभ के तौर पर हुई है, जो अमृतसर के हॉल गेट इलाके में मोबाइल फोन की दुकान चलाता है। भुल्लर के मुताबिक, शुभ कथित तौर पर खेप की सप्लाई में शामिल था, जबकि दीपक उन्हें इकट्ठा करता था।
भुल्लर ने कहा कि शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित तस्करों और विदेशों में बैठे हैंडलर्स (जिनमें उत्तरी अमेरिका में बैठे हैंडलर्स भी शामिल हैं) से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क सीमा पार तस्करी मॉड्यूल के तौर पर काम कर रहा था।
भुल्लर ने कहा, "पूरा मॉड्यूल सीमा पार तस्करी को अंजाम देने के लिए मिलकर काम कर रहा था। आगे की जांच चल रही है और हम जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करेंगे।"
उन्होंने आगे बताया कि प्रतिबंधित सामान कथित तौर पर अलग-अलग समय पर ड्रोन के जरिए भारत लाया जाता था और तय हैंडलर्स को सप्लाई करने से पहले उसे जमा करके रखा जाता था। गोपनीयता बनाए रखने के लिए कथित तौर पर 'कट-आउट्स' का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि नेटवर्क के अलग-अलग चरणों में शामिल लोग एक-दूसरे की पहचान न जान सकें।
भुल्लर ने बताया कि यह ऑपरेशन SP-D रणदीप सिंह, DSP यदविंदर सिंह और SHO अमन की देखरेख में चलाया गया। उन्होंने इस खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने का श्रेय इन्हीं अधिकारियों को दिया।
एयरपोर्ट के पास ड्रोन की गतिविधि के बारे में भुल्लर ने कहा कि SSP पहले ही इस घटना के बारे में जानकारी दे चुके हैं। उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक, इलाके में एक स्पोर्ट्स टूर्नामेंट हो रहा था और कथित तौर पर इस इवेंट की कवरेज के लिए एक ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
भुलर ने कहा, "ड्रोन की गतिविधि का पता चला और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज़रूरी कार्रवाई की गई। SSP ने पहले ही अपना पक्ष रख दिया है और बाकी जानकारी भी उन्होंने ही दी है।"
इस मामले में आगे की जांच चल रही है, जिसमें आर्थिक पहलू और दूसरे साथियों की पहचान करना भी शामिल है।
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