मोहाली: पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के कथित नेटवर्क से जुड़े एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जसकरण सिंह सिद्धू उर्फ जस्सी के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि वह जीशान के निर्देश पर पंजाब के एक फाइनेंसर की रेकी कर रहा था। आरोपी के कब्जे से एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, दो मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

वेरका चौक के पास हुई गिरफ्तारी
रिपोर्ट के मुताबिक SSOC मोहाली की टीम ने जसकरण को 2 सितंबर को वेरका चौक के पास गिरफ्तार किया। वह नकोदर क्षेत्र के गांव शंकर से जुड़ा बताया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ SSOC थाने में मामला दर्ज किया है और अदालत से रिमांड हासिल कर आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जसकरण और जीशान अख्तर एक-दूसरे को पहले से जानते थे। इसी पुराने संपर्क के जरिए जसकरण कथित रूप से जीशान के नेटवर्क से जुड़ा और बाद में उसे पंजाब में कुछ काम सौंपे गए।
फाइनेंसर की रेकी का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक मई 2026 में जीशान अख्तर ने जसकरण को एक फाइनेंसर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा था। आरोप है कि जसकरण ने फाइनेंसर की रेकी करने के लिए सड़क किनारे मोबाइल एसेसरीज की दुकान लगाई और वहां से उसकी गतिविधियों पर नजर रखने लगा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रेकी के पीछे अंतिम मकसद क्या था और फाइनेंसर के खिलाफ किसी बड़ी आपराधिक वारदात की योजना तो नहीं बनाई जा रही थी।
स्पीकर में छिपाया कैमरा
पुलिस जांच में रेकी का तरीका भी चौंकाने वाला सामने आया है। आरोप है कि जसकरण ने म्यूजिक स्पीकर में छिपे कैमरे का इस्तेमाल कर फाइनेंसर की गतिविधियों के वीडियो रिकॉर्ड किए। इन वीडियो को कथित रूप से व्हाट्सऐप के जरिए जीशान अख्तर तक पहुंचाया जाता था। पुलिस का दावा है कि इस काम के बदले जसकरण को करीब 80 हजार रुपये दिए गए थे। जांच में फाइनेंसर से कथित रंगदारी की मांग का पहलू भी सामने आया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि रेकी और रंगदारी की कथित योजना में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
हथियार देने का भी आरोप
SSOC की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि जसकरण को बरामद हथियार कथित तौर पर जीशान अख्तर की ओर से उपलब्ध कराया गया था। उसके पास से मिली 9 एमएम पिस्टल, दो मैगजीन और पांच कारतूस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हथियार कहां से आया और पंजाब तक किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया, इसकी जांच की जा रही है। पंजाब में हाल के महीनों में विदेशी हैंडलरों और गैंगस्टरों से जुड़े अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है। पुलिस ऐसे मामलों में स्थानीय ऑपरेटिव और विदेश में बैठे हैंडलरों के बीच संपर्क की कड़ियां तलाश रही है।
पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
जसकरण की गिरफ्तारी के बाद SSOC का फोकस अब जीशान अख्तर के स्थानीय नेटवर्क पर है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और कथित वित्तीय लेनदेन की कड़ियों के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में और कितने लोग सक्रिय हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जसकरण ने फाइनेंसर के अलावा किसी अन्य व्यक्ति या स्थान की रेकी की थी या नहीं। फिलहाल उसके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और अंतिम रूप से आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। इस कार्रवाई को पंजाब पुलिस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विदेश से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क स्थानीय युवकों के जरिए रेकी, रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियां कराने की कोशिश कर सकते हैं। अब पुलिस की जांच से यह साफ होगा कि जसकरण से बरामद हथियार और कथित रेकी के पीछे आगे की क्या योजना थी तथा जीशान अख्तर के नेटवर्क की जड़ें पंजाब में कितनी फैली हुई हैं।
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