अमृतसर में पुलिस पर हमला करने वाला आरोपी एनकाउंटर में ढेर, फायरिंग में हेड कांस्टेबल भी घायल
पंजाब : अमृतसर में पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी करणजीत सिंह उर्फ नंदी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी पर एएसआई जसवंत सिंह को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप था। शनिवार तड़के हुई मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई, जिसमें अमृतसर देहात पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया। उसके जांघ में गोली लगी है।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद करणजीत सिंह उर्फ नंदी के शव को कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, घायल हेड कांस्टेबल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
डीआईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि झंझोटी गांव निवासी करणजीत सिंह उर्फ नंदी बुधवार रात पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। आरोपी के फरार होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया था।
पुलिस के अनुसार, करणजीत सिंह पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने का भी आरोप था। इसी दौरान एएसआई जसवंत सिंह को गोली लगी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। पुलिस को उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी।
शनिवार तड़के पुलिस टीम को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिसकर्मियों ने भी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी के दौरान करणजीत सिंह उर्फ नंदी को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को कब्जे में लिया। उसकी स्थिति की जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान अमृतसर देहात पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हुआ। गोली उसकी जांघ में लगी। घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। मुठभेड़ वाली जगह से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा और वह पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद किन लोगों के संपर्क में था।
करणजीत सिंह उर्फ नंदी के बुधवार रात पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद पुलिस के सामने उसे दोबारा पकड़ने की चुनौती थी। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई। शनिवार तड़के उसकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
पुलिस पर हमला करने के मामले को देखते हुए आरोपी की तलाश को गंभीरता से लिया जा रहा था। एएसआई जसवंत सिंह को गोली लगने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज की थी। अब मुठभेड़ में आरोपी की मौत के बाद पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
डीआईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मुठभेड़ के दौरान घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ और फायरिंग किस परिस्थिति में शुरू हुई। मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जांच के दौरान दर्ज किया जाएगा।
पुलिस कस्टडी से आरोपी के फरार होने और उसके बाद पुलिस के साथ मुठभेड़ होने की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए तत्काल टीमें सक्रिय कर दी गई थीं और लगातार उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी करणजीत सिंह उर्फ नंदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घायल हेड कांस्टेबल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, एएसआई जसवंत सिंह पर हमले से जुड़े मामले की जांच भी आगे जारी है। मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।