Jalandhar.जालंधर: जालंधर में शिक्षा विभाग द्वारा टीचर भर्ती मेरिट लिस्ट में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद लगभग 20 शिक्षकों की नौकरी खतरे में आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से इन शिक्षकों की योग्यता और मेरिट रैंकिंग प्रभावित हुई है, जिससे उनका नियुक्ति स्टेटस अनिश्चित हो गया है।
शिक्षा विभाग ने बताया कि मेरिट लिस्ट में संशोधन कुछ तकनीकी और दस्तावेज़ संबंधी त्रुटियों को सुधारने के लिए किया गया। इसमें कई शिक्षकों के अंक और योग्यता प्रमाण पत्रों की जांच दोबारा की गई। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान कुछ शिक्षक अपनी नौकरी खोने की स्थिति में आ गए हैं, जिनमें जालंधर जिले के कुल 20 टीचर्स शामिल हैं।
शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा किए थे और विभाग की पूर्व मंजूरी भी प्राप्त थी। उन्होंने इस बदलाव को न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया के खिलाफ बताया। शिक्षक संघ ने भी इस मामले में चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे बदलाव से न केवल कर्मचारियों के मनोबल पर असर पड़ेगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मेरिट लिस्ट में बदलाव का उद्देश्य सही उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना है, लेकिन प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर सूचनाओं का महत्व बहुत अधिक है। उन्होंने सुझाव दिया कि विभाग को प्रभावित शिक्षकों को उचित सुनवाई और अपील का अवसर देना चाहिए ताकि किसी भी तरह का अनावश्यक विवाद टाला जा सके।
जालंधर में शिक्षक समुदाय ने इस बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन करने और प्रशासन से न्याय की मांग करने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि लंबे समय से मेहनत करने वाले शिक्षकों की नौकरी अचानक खतरे में डालना अस्वीकार्य है।
शिक्षा विभाग ने बताया कि वे प्रभावित शिक्षकों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेने की संभावना है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक को बिना उचित प्रक्रिया और नियमों के हटा नहीं जाएगा।