अमृतसर। पंजाब में अमृतसर कमिश्नरेट में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) जसवंत सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल दो कथित शूटरों की पहचान करणवीर नंदी और गुरप्रीत उर्फ गोपी के रूप में की है। दोनों ज्योति गांव के रहने वाले बताए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने उन लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिन पर वारदात के बाद आरोपियों को पनाह देने का आरोप है।इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (बॉर्डर रेंज) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान फायरिंग की घटना से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीमें मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही हैं।
ANI से बात करते हुए IGP गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जांच के दौरान दो शूटरों की पहचान की गई है। इनमें करणवीर नंदी और गुरप्रीत उर्फ गोपी शामिल हैं। दोनों आरोपी ज्योति गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, ASI जसवंत सिंह पर फायरिंग की वारदात में इन दोनों की कथित भूमिका सामने आई है।पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए उन लोगों तक भी पहुंच बनाई, जिन पर फायरिंग की घटना के बाद आरोपियों को छिपने में मदद देने और उन्हें पनाह देने का आरोप है। इसी आधार पर कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।ASI जसवंत सिंह अमृतसर कमिश्नरेट में तैनात हैं। उन पर हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। घटनास्थल और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को दो कथित शूटरों के बारे में जानकारी मिली।
पुलिस का कहना है कि वारदात में सीधे शामिल लोगों के साथ उन व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने घटना के बाद आरोपियों की मदद की। किसी अपराध के बाद आरोपी को छिपाने, उसके ठहरने की व्यवस्था करने या पुलिस से बचने में सहायता करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है।IGP भुल्लर के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के बाद कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें कथित तौर पर वारदात से जुड़े आरोपी और उन्हें पनाह देने वाले लोग शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के जरिए यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना की योजना कैसे बनाई गई और इसके पीछे क्या कारण था।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि ASI जसवंत सिंह को निशाना बनाने के पीछे आरोपियों का मकसद क्या था। उपलब्ध जानकारी में अभी हमले के कारणों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही फायरिंग के पीछे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और आरोपियों की गतिविधियों के संबंध में भी पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से आए और घटना से पहले तथा बाद में आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया था।
मामले में करणवीर नंदी और गुरप्रीत उर्फ गोपी की पहचान दो कथित शूटरों के रूप में सामने आने के बाद पुलिस उनकी भूमिका से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। दोनों के ज्योति गांव का निवासी होने की जानकारी पुलिस अधिकारी की ओर से दी गई है।इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग की घटना में केवल यही लोग शामिल थे या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति भी था। आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के लिए इस मामले में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि घटना के बाद आरोपी कहां-कहां गए और उन्हें किस तरह की मदद मिली। आरोपियों को कथित तौर पर पनाह देने वाले लोगों की गिरफ्तारी से पुलिस को उनकी गतिविधियों और ठिकानों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।ASI पर फायरिंग की घटना होने के कारण पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में विभिन्न स्तरों पर टीमें लगाई गईं और संदिग्ध लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई। इसके बाद शनिवार को पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर वारदात की साजिश, हथियार, आरोपियों के संपर्क और हमले के कारणों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध सूचनाओं और अन्य साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच के दौरान करणवीर नंदी और गुरप्रीत उर्फ गोपी की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनसे जुड़े लोगों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई में ऐसे लोग भी जांच के दायरे में आए, जिन पर आरोपियों को पनाह देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपियों की सहायता करने वालों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।हालांकि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। पुलिस फिलहाल मामले में उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
IGP बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए दो कथित शूटरों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और घटना की पृष्ठभूमि का पता लगाने में जुटी है।फिलहाल ASI जसवंत सिंह पर फायरिंग मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस का फोकस हमले के पीछे की वजह, आरोपियों को मिली मदद और वारदात में अन्य लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाने पर है। पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।