मच्छरजनित बीमारियों से बचाव की तैयारी परखने पहुंची स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम

Update: 2026-07-28 14:10 GMT

मोहाली। बारिश के मौसम में बढ़ते डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की 10 सदस्यीय टीम सोमवार को मोहाली पहुंची। टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए किए जा रहे इंतजामों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान टीम ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर संतोष जताया और अधिकारियों को लार्वा सर्वे तथा जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम में नेशनल वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) के अधिकारी शामिल थे। टीम का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए जिले में किस स्तर पर काम किया जा रहा है और लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

निरीक्षण की शुरुआत गांव बलौंगी से हुई, जहां केंद्रीय टीम ने स्वास्थ्य विभाग की फील्ड टीमों के साथ मिलकर घरों और आसपास के इलाकों का दौरा किया। इस दौरान मच्छरों के प्रजनन वाले संभावित स्थानों की जांच की गई। टीम ने देखा कि पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने के लिए कितनी तेजी से कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा लार्वा सर्वे की प्रक्रिया और लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक करने वाले अभियानों की भी जानकारी ली गई।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को बताया कि जिले में मच्छरों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। घर-घर जाकर जांच की जा रही है और लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। टीम ने फील्ड स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की।

इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने जिला अस्पताल मोहाली स्थित जिला मलेरिया लैब का निरीक्षण किया। यहां डेंगू और मलेरिया की जांच प्रक्रिया, सैंपल परीक्षण व्यवस्था और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि बीमारी की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

टीम ने उपमंडल अस्पताल डेराबस्सी और सरकारी अस्पताल ढकोली का भी दौरा किया। अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया के संभावित मरीजों के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और मरीजों के उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

निरीक्षण के बाद केंद्रीय टीम ने मोहाली स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर संतुष्टि व्यक्त की। हालांकि टीम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और उन्हें खत्म करने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखा जाए। साथ ही लोगों तक बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियानों को और व्यापक स्तर पर चलाने की जरूरत बताई गई।

स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय टीम को भरोसा दिलाया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से फील्ड टीमों को सक्रिय रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है।

बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले और अन्य स्थानों की नियमित सफाई करें तथा बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

केंद्रीय टीम का यह दौरा जिले में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाकर डेंगू और मलेरिया के खतरे को कम किया जा सके और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

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