मुक्तसर। पंजाब के मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाहा शहर में बारिश के बाद एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शुक्रवार देर शाम हुई वर्षा के बाद सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में अचानक करंट उतर गया, जिसकी चपेट में आने से एक बैल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था तथा चल रहे विकास कार्यों को लेकर चिंता जताई।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम हुई बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। गिद्दड़बाहा में पहले से चल रहे विकास कार्यों के कारण कई सड़कें और गलियां खोदी गई हैं। बारिश के बाद इन स्थानों पर पानी जमा हो गया और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी दौरान शहर के सर्कुलर रोड स्थित इंडियन बैंक के पास सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में करंट फैल गया। बताया गया कि बारिश के पानी और नमी के कारण खंभे में बिजली का रिसाव हुआ। वहां से गुजर रहा एक बैल अचानक करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते किसी व्यक्ति का संपर्क बिजली के खंभे से हो जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बिजली विभाग और प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम में बिजली के खंभों और तारों की जांच नियमित रूप से की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सर्कुलर रोड क्षेत्र में सीवरेज रिप्लेसमेंट का काम काफी समय से चल रहा है। इसके कारण भट्टी वाला मोड़ से लेकर लंबी वाले फाटक तक जगह-जगह सड़कें खुदी हुई हैं। बारिश के बाद इन इलाकों में पानी और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
लोगों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सड़कें खोदने के बाद उन्हें सही तरीके से नहीं बनाया गया, जिसके कारण बारिश में हालात और खराब हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद पावरकाम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बिजली खंभे की जांच की और उसमें आए करंट को ठीक किया। टीम ने आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा जांच की, ताकि किसी अन्य स्थान पर बिजली रिसाव की समस्या न हो।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में शनिवार सुबह तक कुल 3.06 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश की मात्रा ज्यादा नहीं थी, लेकिन पहले से खराब सड़कों और खुले निर्माण कार्यों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में बिजली से जुड़े हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करनी चाहिए। बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों की समय-समय पर जांच जरूरी है, ताकि इंसानों और पशुओं की जान को खतरा न हो।
गिद्दड़बाहा की इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने मांग की है कि विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।