Ludhiana में साइबर ठगी का मामला, कारोबारी को बड़ा नुकसान

Update: 2026-05-10 07:32 GMT
Ludhiana.लुधियाना: लुधियाना में साइबर अपराधियों ने एक ऑनलाइन ठगी का मामला अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के एक कारोबारी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के माध्यम से 3.42 लाख रुपये की ठगी हुई है। पुलिस ने बताया कि मामला डिजिटल लेनदेन के दौरान सामने आया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कारोबारी ने किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लेनदेन के लिए संपर्क किया था। इसी दौरान धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों ने उसे फर्जी लिंक और नकली बैंक विवरण देकर पैसे ट्रांसफर करवाए। कारोबारी को विश्वास था कि यह लेनदेन सुरक्षित है, लेकिन साइबर अपराधियों ने उसके साथ धोखाधड़ी की और 3.42 लाख रुपये की रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली।
लुधियाना पुलिस ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के तुरंत बाद साइबर सेल को सूचित किया गया। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि धोखाधड़ी करने वाले अपराधी किस तरह से कारोबारी को फंसाने में सफल हुए और उनका नेटवर्क किस प्रकार का है। पुलिस डिजिटल ट्रैकिंग और बैंक स्टेटमेंट्स की मदद से आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान स्रोत से आने वाले संदेशों पर क्लिक करने से बचें। साथ ही, बैंक और डिजिटल लेनदेन की पुष्टि हमेशा आधिकारिक चैनलों से ही करें।
व्यापारी ने बताया कि उन्हें धोखाधड़ी का अंदेशा तब हुआ जब ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद राशि उनके बैंक खाते में नहीं आई। तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन डिजिटल फिंगरप्रिंट और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। कई लोगों ने कहा कि ऑनलाइन लेनदेन की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी और साइबर जागरूकता जरूरी है। पुलिस ने भी जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान स्रोत से प्राप्त लेनदेन या लिंक पर भरोसा न करें और तुरंत साइबर सेल को सूचित करें।
इस तरह के साइबर अपराधों के मामलों में तेजी से कार्रवाई करना जरूरी है ताकि अन्य व्यापारियों और नागरिकों को भविष्य में नुकसान से बचाया जा सके। लुधियाना पुलिस ने बताया कि आरोपी तक जल्द ही पहुंचने के लिए उन्हें राज्य और देशभर की साइबर टीमों के साथ मिलकर काम करना पड़ रहा है।
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