पंजाब

खाद की गुणवत्ता फेल, Fertilizer से 10.8 टन जब्त

Payal
10 May 2026 12:21 PM IST
खाद की गुणवत्ता फेल, Fertilizer से 10.8 टन जब्त
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Punjab.पंजाब: फरीदकोट में कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई ने किसानों और आम जनता को एक बड़ा चेतावनी संदेश दिया है। जिले में जब्त 10,800 किलोग्राम खाद के सैंपल की जांच में यह सामने आया है कि सभी सैंपल टेस्ट में फेल हो गए। इस खुलासे ने खाद की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में रैंडम निरीक्षण के दौरान संदिग्ध खाद के बड़े स्टॉक का पता चला। खाद के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए, जहां यह पाया गया कि यह खाद मानक गुणवत्ता मापदंडों पर खरा नहीं उतरती। विभाग के सूत्रों के अनुसार, खाद में पोषक तत्वों की कमी और अशुद्धियों का स्तर सामान्य सीमा से काफी अधिक था।
अधिकारियों ने बताया कि यह मामला न केवल किसानों के लिए बल्कि पूरे जिले में कृषि उत्पादन के लिए चिंता का विषय बन सकता है। खराब गुणवत्ता की खाद का इस्तेमाल फसल की पैदावार और मिट्टी की उर्वरकता पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसानों को सरकारी मानक और प्रमाणित उत्पाद ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
फरीदकोट जिले में खाद वितरण प्रणाली की जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ आपूर्तिकर्ता गैर-मानक खाद को बाजार में बेच रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
किसानों के बीच भी इस मामले को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ किसानों ने कहा कि अगर उन्हें इस तरह की खराब गुणवत्ता वाली खाद मिलती रहती तो उनकी फसल को भारी नुकसान हो सकता था। वहीं, कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही खाद खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि खाद की गुणवत्ता की जांच समय-समय पर जरूरी है ताकि किसानों को सही उत्पाद मिल सके और फसल की पैदावार सुरक्षित रहे। फरीदकोट में हुई यह कार्रवाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिले के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद के सैंपल में विफल पाए जाने वाले स्टॉक को जब्त कर दिया गया है और अब इसकी उचित निपटान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ PFA (Prevention of Food Adulteration Act) और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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