जालंधर: लुधियाना में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा से कथित बेअदबी के विरोध में गुरुवार को जालंधर में पूर्ण बंद का असर देखने को मिला। आंबेडकरवादी, दलित, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के आह्वान पर शहर के बाजार, दुकानें और प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। कई इलाकों में सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम गतिविधि नजर आई।

भगवान वाल्मीकि शक्ति क्रांति सेना पंजाब और भीम क्रांति सेना सहित विभिन्न संगठनों ने सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद का आह्वान किया था। बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी जिले के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन और धरने देकर घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बंद के दौरान सिटी वाल्मीकि सभा, जालंधर ने उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को मांगपत्र सौंपा। सभा ने डॉ. आंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं, धार्मिक स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक चौकों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। सभा ने संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, नियमित निगरानी करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। संगठनों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और ठोस कदम उठाने की मांग की।

बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अवतार सिंह करीमपुरी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं के साथ ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और डॉ. आंबेडकर की सभी प्रमुख प्रतिमाओं के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की।

कांग्रेस पार्षद शेरी चड्ढा ने भी लुधियाना की घटना की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी डॉ. आंबेडकर चौक तक विरोध मार्च निकाला गया था और अब कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।

इस मुद्दे को लेकर जालंधर में मंगलवार रात भाजपा ने भी प्रदर्शन किया था, जबकि बुधवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था।

Tags: