जालंधर। पंजाब के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भगत चुन्नी लाल का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने जालंधर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह 93 वर्ष के थे। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने दी। भगत चुन्नी लाल के निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और परिचितों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया।

मोहिंदर भगत ने अपने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि भगत चुन्नी लाल जी अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहकर समाज और पंजाब की सेवा की तथा लोगों के बीच उनकी अपनी एक अलग पहचान थी।

परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम 5 बजे जालंधर में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। उनके निधन से उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक का माहौल है।

पंजाब सरकार ने आधे दिन की छुट्टी घोषित की

भगत चुन्नी लाल के निधन पर पंजाब सरकार ने आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी किया गया है। सरकार के इस फैसले से यह स्पष्ट है कि भगत चुन्नी लाल को राज्य के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था।

लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान भगत चुन्नी लाल ने पंजाब की राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। वह राज्य सरकार में मंत्री भी रहे। उनके राजनीतिक जीवन को जालंधर और पंजाब की राजनीति से जोड़कर देखा जाता रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम किया और क्षेत्र के लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई।

लंबे समय तक सक्रिय रहे राजनीति में

भगत चुन्नी लाल उन नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहकर सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का सामना किया तथा अपने समर्थकों के बीच लगातार सक्रिय रहे।

जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। स्थानीय स्तर पर भी वह लोगों से जुड़े रहने के लिए जाने जाते थे। राजनीतिक जीवन के अलावा सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी रही। उम्र बढ़ने के बावजूद उनका सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक प्रभाव लंबे समय तक बना रहा।

उनके बेटे मोहिंदर भगत भी राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इस तरह भगत परिवार की राजनीतिक पहचान कई वर्षों से पंजाब की राजनीति से जुड़ी रही है। पिता के निधन की खबर की पुष्टि करते हुए मोहिंदर भगत भावुक नजर आए और उन्होंने लोगों से अपने पिता को श्रद्धांजलि देने की अपील की।

राजनीतिक जगत में शोक

भगत चुन्नी लाल के निधन की खबर के बाद पंजाब के राजनीतिक हलकों में शोक का माहौल है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया जा रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।

उनके समर्थकों का कहना है कि भगत चुन्नी लाल का व्यक्तित्व जमीन से जुड़ा हुआ था। वह लंबे समय तक लोगों के बीच सक्रिय रहे और क्षेत्र के मुद्दों को राजनीतिक मंचों पर उठाते रहे। उनके निधन से जालंधर में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा दुख है।

अंतिम संस्कार आज शाम

परिवार के अनुसार भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम 5 बजे जालंधर में किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, जनप्रतिनिधि, समर्थक और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंच सकते हैं।

93 वर्ष की आयु में भगत चुन्नी लाल का निधन पंजाब के सार्वजनिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन का लंबा समय राजनीति और समाज सेवा को दिया। उनके निधन के साथ पंजाब की राजनीति के एक लंबे अध्याय का अंत हो गया है। परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों के लिए उनकी यादें लंबे समय तक बनी रहेंगी।

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