Odisha ओडिशा: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार 1 जून से पूरे देश में ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। इस अभियान का उद्देश्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और कृषि क्षेत्र को अधिक वैज्ञानिक व पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अभियान में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मिट्टी की सेहत में सुधार, आधुनिक तकनीकों को अपनाने, सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और किसानों को शिक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खेती में सब्सिडी वाले उर्वरकों का गलत इस्तेमाल एक गंभीर समस्या है, जिसे रोकना जरूरी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग पर सख्त नियंत्रण जरूरी है।

टिकाऊ खेती के महत्व पर जोर देते हुए चौहान ने चेतावनी दी कि यदि बिना मिट्टी परीक्षण के उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग किया गया तो इससे खेती की लागत बढ़ेगी और मिट्टी की उर्वरता पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे वैज्ञानिक तरीकों और आवश्यकता आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दें।

उन्होंने कहा कि किसानों को सही जानकारी और मार्गदर्शन देकर ही कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाया जा सकता है। इसके लिए कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत करना और आधुनिक तकनीकों को खेत स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है।

कार्यक्रम में दालों और तिलहनों के उत्पादन को बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत में इन फसलों के उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि इस क्षेत्र में सही नीतियां लागू की जाएं तो भारत दाल और तेलहन उत्पादन में बड़ी प्रगति कर सकता है।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि किसान तभी बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाएंगे जब उन्हें अपनी उपज की सुनिश्चित खरीद का भरोसा होगा। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA), सरकारी खरीद प्रणालियों, NAFED, NCCF और राज्य एजेंसियों की भूमिका को और मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की जरूरत है ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी और किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।

कुल मिलाकर, ‘खेत बचाओ अभियान’ को केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

Tags: