Odisha ओडिशा। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर ओडिशा में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरु रविदास के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को याद करते हुए कहा कि करीब 650 वर्ष पहले उन्होंने समानता, सामाजिक समरसता और मानवता का संदेश दिया था, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि गुरु रविदास ने ऐसे समय में समाज को समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाया था, जब सामाजिक विभाजन और भेदभाव की चुनौतियां मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास का संदेश किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे समाज को एकता और सद्भाव की भावना से जोड़ने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास की शिक्षाओं में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना दिखाई देती है। उनके अनुसार, गुरु रविदास के विचार आज के दौर में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की जरूरत है। सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार और समाज को गुरु रविदास के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि संत रविदास की शिक्षाओं और विचारों को राज्य के हर गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन और सामाजिक योगदान को समझ सके।
मंत्री ने गुरु रविदास की शिक्षाओं को भारतीय आध्यात्मिक और सामाजिक परंपरा से जोड़ते हुए ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ जैसे विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सभी के सुख, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करने वाला यह संदेश आज भी मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता और समानता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनकी जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन और समाज में अपनाने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
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