दुकानों पर छापा पड़ते ही खुला राज, 132 बाल्टियां संदिग्ध लुब्रिकेंट बरामद
केंदुझार। ओडिशा के केंदुझार जिले में पुलिस ने नामी कंपनियों के नाम पर कथित रूप से नकली लुब्रिकेंट तैयार कर बाजार में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग ठिकानों पर की गई छापेमारी में पुलिस ने बड़ी मात्रा में संदिग्ध लुब्रिकेंट जब्त किया है। आरोप है कि टाटा और गल्फ जैसे जाने-माने ब्रांड के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल कर नकली उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे थे।
जानकारी के मुताबिक बारबिल क्षेत्र में पिछले कुछ समय से नकली लुब्रिकेंट की बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय दुकानदारों से पुलिस को जानकारी मिली थी कि बड़ी मात्रा में संदिग्ध लुब्रिकेंट बाजार में पहुंचाया गया है। इसके बाद बारबिल पुलिस ने जानकारी जुटाई और कई दुकानों एवं ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को अलग-अलग दुकानों से बड़ी संख्या में लुब्रिकेंट की बाल्टियां मिलीं। इन उत्पादों के नकली होने का संदेह जताते हुए पुलिस ने उन्हें जब्त कर लिया और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी।
जय श्री श्याम लुब्रिकेंट्स से 31 बाल्टियां जब्त
पुलिस ने सबसे पहले सोहन अग्रवाल की दुकान 'जय श्री श्याम लुब्रिकेंट्स' पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान दुकान से लुब्रिकेंट की 31 बाल्टियां मिलीं, जिन्हें नकली होने के संदेह में जब्त कर लिया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुकान तक यह माल कहां से पहुंचा था और इसकी सप्लाई करने वाले लोग कौन थे। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि संदिग्ध उत्पाद कितने समय से बाजार में बेचे जा रहे थे।
उज्जला मोटर्स से मिलीं 80 बाल्टियां
इसके बाद पुलिस ने एसके कालू की दुकान 'उज्जला मोटर्स' पर छापेमारी की। यहां से 80 बाल्टियां संदिग्ध लुब्रिकेंट जब्त किया गया। इस कार्रवाई में सबसे अधिक मात्रा इसी दुकान से मिलने की जानकारी है।
वहीं भद्रसाही इलाके में बसंत कुमार प्रोस्थी के पास से भी 21 बाल्टियां जब्त की गईं। इस तरह बताए गए तीन ठिकानों से ही कुल 132 बाल्टियां संदिग्ध लुब्रिकेंट बरामद हुआ।
बड़ी मात्रा में संदिग्ध उत्पाद मिलने के बाद पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि इसके पीछे स्थानीय स्तर से कहीं बड़ा सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
टाटा और गल्फ के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप
आरोपियों पर टाटा और गल्फ जैसे चर्चित ब्रांड के नाम से नकली लुब्रिकेंट बेचने का आरोप है। ब्रांडेड उत्पाद जैसा दिखने वाला पैकेज तैयार होने के कारण आम ग्राहक के लिए असली और नकली सामान में अंतर करना मुश्किल हो सकता है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित नकली उत्पाद कहां तैयार किए जा रहे थे। जांच में पैकेजिंग सामग्री, खाली बाल्टियों, ब्रांड लेबल और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों के स्रोत का भी पता लगाया जा सकता है।
इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों के पास नकली उत्पादों को पैक करने के लिए अलग से कोई ठिकाना था या बाहर से तैयार माल मंगाकर स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा था।
वाहनों और मशीनों के लिए बन सकता है खतरा
नकली लुब्रिकेंट का इस्तेमाल केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित मामला नहीं है। खराब गुणवत्ता वाला लुब्रिकेंट वाहनों और औद्योगिक मशीनों के इंजन तथा अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है। लुब्रिकेंट का मुख्य काम मशीनों के चलने वाले हिस्सों के बीच घर्षण और तापमान को नियंत्रित करने में मदद करना होता है।
यदि ग्राहक असली समझकर घटिया या नकली उत्पाद खरीद ले तो वाहन अथवा मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल करने पर महंगी मरम्मत की नौबत भी आ सकती है। यही कारण है कि कथित नकली लुब्रिकेंट की इतनी बड़ी मात्रा मिलने को गंभीर मामला माना जा रहा है।
चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ के जरिए सप्लाई चेन और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली लुब्रिकेंट के निर्माण से लेकर पैकेजिंग और दुकानों तक सप्लाई करने में कौन-कौन शामिल था।
जांच में आरोपियों के कारोबारी लेन-देन और अन्य संबंधित रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि दूसरे जिलों या राज्यों से नेटवर्क जुड़े होने के संकेत मिलते हैं तो जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
स्थानीय दुकानदारों की सूचना से खुला मामला
इस पूरे मामले में स्थानीय दुकानदारों से मिली जानकारी महत्वपूर्ण साबित हुई। बाजार में बड़ी मात्रा में संदिग्ध लुब्रिकेंट आने की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।
फिलहाल जब्त लुब्रिकेंट के असली या नकली होने की पुष्टि के लिए आवश्यक जांच कराई जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बाजार में पहले से कितनी मात्रा में ऐसा उत्पाद बेचा जा चुका है।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी और 132 बाल्टियां संदिग्ध लुब्रिकेंट मिलने के बाद अब जांच का मुख्य फोकस इसके निर्माण और सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना है। आने वाली जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित नकली लुब्रिकेंट कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें अन्य कितने लोग शामिल थे।