रायगडा। गुनुपुर ब्लॉक के सिरिजहोली गांव में अपने ही रिश्तेदार की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या करने के मामले में अदालत ने 55 वर्षीय सिंगिपुरम बुडू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देबदत्त पटनायक की अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और 12 गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया। मामला जुलाई 2023 का है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 21 जुलाई 2023 की रात हुई थी। एस. रमेश अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान उनके रिश्तेदार सिंगिपुरम बुडू ने कथित विवाद के बाद उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। हमले में रमेश गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद बोशी बुजी नाम के व्यक्ति ने गुनुपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा।

झगड़े के बाद कुल्हाड़ी से हमले का आरोप

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, वारदात से पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद रात में जब रमेश सो रहे थे, तब आरोपी ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।

अचानक हुए हमले में रमेश को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद उन्हें बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। हत्या की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।

पुलिस को घटना की सूचना दिए जाने के बाद मौके से साक्ष्य जुटाए गए और मामले में आरोपी की भूमिका की जांच शुरू हुई।

शिकायत के बाद आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद बोशी बुजी ने गुनुपुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सिंगिपुरम बुडू को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ करने के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों को जांच में शामिल किया गया।

पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र पेश किया गया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।

12 गवाहों के बयान बने अहम

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान पेश किए गए। इसके साथ ही जांच के दौरान जुटाए गए अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के सामने रखा गया।

न्यायालय ने गवाहों की गवाही और उपलब्ध सबूतों का परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा।

इसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देबदत्त पटनायक ने आरोपी को हत्या के मामले में दोषी करार दिया।

अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सिंगिपुरम बुडू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। करीब तीन साल पुराने मामले में न्यायालय का फैसला आने के साथ मुकदमे का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया।

अदालत के फैसले में प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयानों को महत्वपूर्ण माना गया। अभियोजन ने घटना की परिस्थितियों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा था।

जुलाई 2023 में हुई थी वारदात

यह मामला 21 जुलाई 2023 की रात का है। सिरिजहोली गांव में हुई हत्या के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया था। आरोपी और मृतक के रिश्तेदार होने के कारण घटना ने लोगों को और भी हैरान किया था।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि घटना से पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। बाद में रमेश पर उस समय हमला किया गया, जब वह सो रहे थे।

कुल्हाड़ी के हमले से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बच सकी।

जांच से अदालत तक पहुंचा मामला

हत्या की शिकायत मिलने के बाद पुलिस के सामने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की चुनौती थी। जांच में घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। जांच के आधार पर तैयार आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।

इसके बाद सुनवाई के अलग-अलग चरणों में गवाहों के बयान दर्ज किए गए और साक्ष्यों की जांच हुई। आखिरकार सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

रिश्तेदारी विवाद का हुआ खौफनाक अंत

मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि आरोपी और मृतक आपस में रिश्तेदार थे। सामान्य विवाद आखिरकार जानलेवा हमले में बदल गया और एक व्यक्ति की मौत हो गई।

इस मामले ने यह भी दिखाया कि आपसी विवाद के दौरान हिंसा किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकती है। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तारी और लंबी न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ा और अब अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।

करीब तीन साल बाद आया फैसला

जुलाई 2023 में हुई वारदात के बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देबदत्त पटनायक की अदालत ने उपलब्ध सबूतों और 12 गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत के फैसले के साथ हत्या के मामले में सिंगिपुरम बुडू को आजीवन कारावास की सजा मिली है। अब उसे अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के अनुसार कारावास में रहना होगा। हालांकि कानून के तहत दोषी के पास उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने का अधिकार बना रहेगा।

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