स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में राउरकेला नंबर-1, कलिंग नगर ने भी मारी बाजी
भुवनेश्वर। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत आयोजित ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026’ में राउरकेला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया है। इसी श्रेणी में भुवनेश्वर ने भी बेहतर प्रदर्शन किया और चौथे स्थान पर रहा। वहीं 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कलिंग नगर ने पहला, अंगुल ने दूसरा और तालचेर ने तीसरा स्थान हासिल किया।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की ओर से सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम ‘स्वच्छ वायु दिवस 2026’ के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसे ‘इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काइज’ के साथ मनाया जाता है।
इस उपलब्धि के साथ राउरकेला और कलिंग नगर सहित अन्य शहरों ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ हवा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में राउरकेला अव्वल
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों को उनकी आबादी के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राउरकेला ने पहला स्थान प्राप्त किया।
औद्योगिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले राउरकेला की यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। शहर में उद्योगों के साथ बढ़ती आबादी, यातायात और निर्माण गतिविधियों के बीच वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहला स्थान मिलने से प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
भुवनेश्वर को मिला चौथा स्थान
इसी श्रेणी में भुवनेश्वर ने देशभर में चौथा स्थान हासिल किया। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या में वृद्धि के बीच शहर का शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सड़क की धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों और कचरा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों में एक साथ काम करने की आवश्यकता होती है।
भुवनेश्वर के चौथे स्थान पर रहने से शहर में स्वच्छ वायु से संबंधित प्रयासों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
छोटे शहरों में कलिंग नगर पहले स्थान पर
3 लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कलिंग नगर ने पहला स्थान हासिल किया। इस श्रेणी में अंगुल दूसरे और तालचेर तीसरे स्थान पर रहे।
तीनों शहरों की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां औद्योगिक गतिविधियों की मौजूदगी के कारण वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
इस श्रेणी में शीर्ष तीन स्थानों पर इन शहरों का रहना स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाता है।
नई दिल्ली में मिला सम्मान
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजेता शहरों को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बेहतर काम करने वाले शहरों के प्रयासों को सामने रखा गया।
स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य वायु प्रदूषण की चुनौती के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शहरों को बेहतर वायु गुणवत्ता की दिशा में लगातार काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
क्या है स्वच्छ वायु सर्वेक्षण?
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों के मूल्यांकन से जुड़ी पहल है। इसमें विभिन्न शहरों द्वारा प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए गए कार्यों का आकलन किया जाता है।
शहरों को आबादी के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटने का उद्देश्य समान आकार और परिस्थितियों वाले शहरों के प्रदर्शन की तुलना करना है।
इसके तहत सड़क की धूल कम करने, ठोस कचरे के बेहतर प्रबंधन, निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण और वाहनों तथा औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने जैसे प्रयास महत्वपूर्ण होते हैं।
NCAP के तहत प्रदूषण कम करने पर जोर
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम देश के शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए शुरू की गई प्रमुख पहल है। इसके तहत शहरों के लिए प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्ययोजनाएं तैयार की जाती हैं।
वायु प्रदूषण केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से भी है। इसलिए शहरों में प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों की पहचान कर उन पर नियंत्रण करना आवश्यक माना जाता है।
औद्योगिक शहरों के लिए उपलब्धि अहम
राउरकेला, कलिंग नगर, अंगुल और तालचेर जैसे शहरों की पहचान औद्योगिक गतिविधियों से भी जुड़ी हुई है। ऐसे शहरों में औद्योगिक उत्सर्जन के साथ सड़क की धूल, यातायात और निर्माण गतिविधियां वायु गुणवत्ता के लिए चुनौती पैदा कर सकती हैं।
इसी वजह से स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इन शहरों का बेहतर प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है। यह उपलब्धि भविष्य में वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में और मजबूत कदम उठाने के लिए प्रोत्साहन दे सकती है।
साफ हवा की दिशा में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के माध्यम से अलग-अलग शहरों के बीच प्रदूषण कम करने और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने को लेकर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों के मॉडल और उपाय दूसरे शहरों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। साथ ही रैंकिंग से स्थानीय प्रशासन को यह समझने में मदद मिलती है कि किन क्षेत्रों में और सुधार की आवश्यकता है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में राउरकेला और कलिंग नगर के शीर्ष स्थान हासिल करने के साथ भुवनेश्वर, अंगुल और तालचेर के बेहतर प्रदर्शन ने साफ हवा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। अब चुनौती इस प्रदर्शन को बनाए रखने और आने वाले वर्षों में वायु गुणवत्ता में और सुधार करने की होगी।