भुवनेश्वर में ‘Raja’ उत्सव के दौरान करंट लगने से व्यक्ति की मौत, रिसॉर्ट की सुरक्षा पर उठे सवाल
Odisha ओडिशा: भुवनेश्वर में सोमवार को ‘राजा’ उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें सुब्रत कुमार मेकाप की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद उत्सव की खुशियां मातम में बदल गईं और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, 44 वर्षीय सुब्रत कुमार मेकाप अपने परिवार के साथ ‘राजा’ उत्सव मनाने के लिए चंदाका इलाके स्थित एक रिसॉर्ट में गए थे। परिवार उत्सव के मौके पर समय बिताने और घूमने के उद्देश्य से वहां पहुंचा था।
हादसा उस समय हुआ जब मेकाप रिसॉर्ट के अंदर बने जलाशय में बोटिंग कर रहे थे। इसी दौरान वह कथित तौर पर बिजली के संपर्क में आ गए, जिससे उन्हें गंभीर करंट लगा। घटना के तुरंत बाद उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी और उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
यह घटना शाम करीब 5 बजे हुई बताई जा रही है। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिवार के सदस्यों में चीख-पुकार मच गई। उत्सव का माहौल कुछ ही क्षणों में गहरे दुख में बदल गया।
परिजनों ने इस घटना को लेकर रिसॉर्ट प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक रिश्तेदार ने दावा किया कि बोटिंग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और बिजली से जुड़ी खामियों के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि यदि उचित सुरक्षा इंतजाम होते तो यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
हादसे के बाद रिसॉर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि जलाशय क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति या किसी तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा कैसे हुआ।
स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रिसॉर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों की जांच के निर्देश दिए हैं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच रोष और चिंता का माहौल है। कई लोगों ने मांग की है कि सार्वजनिक और निजी पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा तकनीकी जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।