Puri पूरी: अंग्रेजी नए साल 2026 के आगमन से ठीक एक दिन पहले पुरी और कोणार्क में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है। हजारों पर्यटक इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध स्थलों का आनंद लेने और ओडिशा की कला, संस्कृति और विरासत को करीब से देखने के लिए यहां पहुंचे हैं। कोणार्क में सनराइज और सनसेट के समय कला और वास्तुकला के सौंदर्य का अनुभव लेने के लिए लोग भोर से ही नज़र आ रहे हैं। कोणार्क का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, जो 13वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था, अपनी भव्यता और अद्भुत कारीगरी के लिए पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पर्यटक मंदिर के विस्तृत जटिल पत्थर के शिल्प और वास्तुशिल्प की बारीकियों को देखकर मोहित हो रहे हैं।
पुरी में जगन्नाथ मंदिर के आसपास भी पर्यटकों का सैलाब है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु और पर्यटक दोनों ही नए साल की तैयारी में व्यस्त हैं। पुरी के समुद्र तट पर भी लोग अपनी छुट्टियों का आनंद लेने और समुद्र की लहरों में समय बिताने के लिए पहुंचे हैं। परिवार, दोस्त और विदेशी पर्यटक यहां के समुद्र तट पर फोटोशूट कर रहे हैं, जेट स्की का आनंद ले रहे हैं और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। ओडिशा पर्यटन विभाग ने इस अवसर पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस और सुरक्षा कर्मी प्रमुख स्थलों पर तैनात हैं ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, विभाग ने पर्यटकों को पर्यावरण और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने की सलाह दी है।
स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों के लिए यह समय बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। होटलों, रेस्टोरेंट्स और स्थानीय बाजारों में ग्राहक बढ़ गए हैं। पर्यटक ओडिशा की हस्तकला, बुनाई, पत्थर की नक्काशी और पेंटिंग जैसी चीजें खरीदकर स्थानीय कारीगरों का उत्साह बढ़ा रहे हैं। कोणार्क और पुरी के पर्यटक स्थल सिर्फ भारतीयों के लिए ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विदेशी पर्यटक मंदिरों और समुद्र तट के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं का अनुभव करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। पर्यटन गाइडों का कहना है कि नववर्ष के पहले सप्ताह में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में हर साल इजाफा होता है।
ओडिशा पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए साल के अवसर पर पुरी और कोणार्क में विशेष कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इससे न केवल पर्यटकों को मनोरंजन मिलेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार भी होगा। साथ ही, पर्यटक सुरक्षित वातावरण में शहर और पर्यटन स्थलों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को सार्वजनिक जगहों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने की भी सलाह दी है। इसके अलावा, सफाई और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि पर्यटक स्थल स्वच्छ और आकर्षक बने रहें।
पुरी और कोणार्क की यह भीड़ दर्शाती है कि ओडिशा का पर्यटन धीरे-धीरे अपने पूर्व की चमक और महत्व को पुनः हासिल कर रहा है। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना भी है। अंततः, नए साल 2026 के आगमन से पहले पुरी और कोणार्क में पर्यटन गतिविधियां चरम पर हैं, और हजारों पर्यटक ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए उत्साहित हैं।
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