Bengal की खाड़ी में कम दबाव का असर, ओडिशा में भारी बारिश; कई जिलों में रेड
Odisha ओडिशा: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण ओडिशा में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है और कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस मौसमीय प्रणाली के चलते राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं।
भुवनेश्वर में पिछले 24 घंटों के दौरान 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 4 जुलाई को सुबह 8:30 बजे से 5 जुलाई को सुबह 5:30 बजे के बीच भुवनेश्वर में कुल 112.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति भी देखी गई है।
इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी उल्लेखनीय वर्षा दर्ज की गई है। चांदबली में 64.6 मिलीमीटर, पुरी में 55.7 मिलीमीटर, बालासोर में 41.4 मिलीमीटर, पारादीप में 30.2 मिलीमीटर और क्योंझर में 29.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई जगहों पर यातायात धीमा हो गया है।
मौसम विभाग ने आज के लिए ओडिशा के कई जिलों में गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। बरगढ़, संबलपुर और नुआपाड़ा जिलों के लिए रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इन जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, देवगढ़, सोनपुर, बलांगीर और कालाहांडी जिलों के लिए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की गई है। इन क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
IMD ने राज्य के कई अन्य जिलों के लिए येलो वॉर्निंग भी जारी की है। इनमें बालासोर, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर, मयूरभंज, बौध, कंधमाल, नबरंगपुर, रायगढ़, कोरापुट और मलकानगिरी शामिल हैं। इन जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, हालांकि स्थिति अपेक्षाकृत कम गंभीर रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना यह कम दबाव क्षेत्र मानसून की सक्रियता को बढ़ा रहा है, जिसके चलते ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तीव्रता की बारिश हो रही है। इस तरह की मौसमी परिस्थितियां मानसून सीजन में सामान्य मानी जाती हैं, लेकिन जब कम दबाव क्षेत्र अधिक सक्रिय हो जाता है, तो भारी बारिश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
प्रशासन ने सभी प्रभावित जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। नदी किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवागमन में कठिनाई की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है।