भुवनेश्वर : 29 अक्टूबर 2026। चक्रवाती तूफान 'अरनाब' के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान गंजाम और गजपति जिलों में हुआ है, जहां सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने गुरुवार को विशेष एयरलिफ्ट अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत हेलीकॉप्टर की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और अन्य बचाव एजेंसियों की 79 टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया है।
गंजाम के 70 गांव बाढ़ से घिरे, 2,328 लोग फंसे
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि गंजाम जिले के 299 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 70 गांव पूरी तरह पानी से घिर गए हैं, जहां लगभग 2,328 लोग फंसे हुए हैं। लगातार बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों और आसपास के इलाकों से टूट गया है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी का बहाव इतना तेज है कि कई स्थानों पर नावों के माध्यम से भी बचाव कार्य करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन ने हवाई मार्ग से लोगों को निकालने का निर्णय लिया है।राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क कर भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर की सहायता मांगी थी। इसके बाद गुरुवार दोपहर गंजाम जिले में हवाई बचाव अभियान शुरू किया गया।
भारतीय तटरक्षक बल ने शुरू किया एयरलिफ्ट अभियान
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के अनुसार, भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर ने गुरुवार दोपहर अपनी पहली उड़ान पूरी की। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बचाव अभियान चलाए गए।अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में करीब 120 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित बाहर निकालने की योजना बनाई गई थी। विशेष रूप से उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां सड़क संपर्क समाप्त हो चुका है और बचाव दल नावों से नहीं पहुंच पा रहे हैं।गंजाम जिले के पत्रपुर, धाराकोटे, सनाखेमुंडी और सुरादा क्षेत्रों में बाढ़ के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। प्रशासन लगातार प्रभावित गांवों की स्थिति का आकलन कर रहा है, ताकि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बचाव संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
भारी बारिश से नदियां उफान पर, कई सड़कें क्षतिग्रस्त
चक्रवात 'अरनाब' के प्रभाव से ओडिशा में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। गंजाम जिले के पत्रपुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि क्षेत्र में 462.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।लगातार बारिश से ऋषिकुल्या और वंशधारा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। नदी किनारे बसे कई गांवों में पानी भर गया और लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।गजपति जिले के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है। कलिंग घाट मार्ग पर पहाड़ों से बड़े पत्थर गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ। प्रशासन ने मलबा हटाने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमों को तैनात किया है।
गंजाम और गजपति में हजारों लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, गंजाम और गजपति जिलों में करीब 62,500 लोग बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। इनमें गंजाम जिले के लगभग 42,500 और गजपति के 20,000 लोग शामिल हैं।गुरुवार शाम तक दोनों जिलों में कुल 29,323 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका था। गंजाम में 11,882 और गजपति में 17,441 लोगों को निकाला गया।प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की है। इन शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।अधिकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में जलस्तर अधिक है, वहां बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
खराब मौसम बना बचाव अभियान में बाधा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान के सामने खराब मौसम एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि लगातार बारिश और नीचे छाए बादलों के कारण हेलीकॉप्टर के संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं।विशेष रूप से दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में हवाई बचाव अभियान चलाने से पहले मौसम की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में बचावकर्मियों और प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाए। जहां हवाई अभियान संभव नहीं है, वहां नावों और अन्य संसाधनों से लोगों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री से की बातचीत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात 'अरनाब' से प्रभावित ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।उन्होंने प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। गृह मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।केंद्र सरकार ने चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने और अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता का पता लगाने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल भेजने की जानकारी भी दी है।
रेल और सड़क यातायात पर भी असर
चक्रवात के कारण ओडिशा में सड़क और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। भारी बारिश और जलभराव से कई मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं को रद्द करना पड़ा है, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन प्रभावित मार्गों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है। जिन क्षेत्रों में पानी कम हो रहा है, वहां सड़क संपर्क बहाल करने और आवश्यक सेवाएं शुरू करने के प्रयास तेज किए गए हैं।
राहत और पुनर्वास कार्यों पर सरकार का जोर
ओडिशा सरकार ने प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी करने, राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित निकालने को कहा गया है।चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। भारतीय तटरक्षक बल का एयरलिफ्ट अभियान उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है, जो कई घंटों से पानी में घिरे इलाकों में फंसे हुए हैं।फिलहाल सरकार की प्राथमिकता सभी फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकालना, प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाना और बाढ़ का पानी कम होने के बाद क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली करना है।
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