भबानीपटना: कुत्ते और बंदर को अक्सर एक-दूसरे का स्वाभाविक दुश्मन माना जाता है, लेकिन भबानीपटना में एक कुत्ते और बंदर के बच्चे के बीच की अनोखी दोस्ती ने लोगों का ध्यान खींचा है और इस पुरानी धारणा को चुनौती दी है। कालाहांडी जिले के घोड़ाघाट चौक के पास का यह दिल छू लेने वाला नज़ारा लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है, जहाँ बंदर का बच्चा आराम से कुत्ते की पीठ पर सवार होकर शहर भर में घूमता नज़र आता है। ऐसा लगता है कि कुत्ते और बंदर के बच्चे के बीच एक खास रिश्ता बन गया है, जिसकी वजह से कुत्ता उसे बिना किसी विरोध के अपनी पीठ पर बैठने देता है।
कुत्ते की गर्दन से चिपका हुआ बंदर का बच्चा इस सवारी का पूरा आनंद लेता है। यह नज़ारा इतना प्यारा है कि यहाँ से गुजरने वाले लोग इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुत्ता रात में भबानीपटना के एक सिनेमा हॉल के पास सोता है और बंदर का बच्चा भी वहीं आस-पास रहता है। सुबह होते ही, बंदर का बच्चा कुत्ते की पीठ पर चढ़ जाता है और उसके साथ पूरे शहर में घूमता है। स्थानीय लोग इन दोनों जानवरों को खाना खिलाते हैं, और इनकी यह अनोखी दोस्ती अब इलाके में आकर्षण का केंद्र बन गई है। कई लोग अपने मोबाइल फोन पर इस प्यारे नज़ारे को कैद करते हुए देखे जा सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्ता पिछले कुछ दिनों से बंदर के बच्चे को अपनी पीठ पर बिठाकर घूम रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। जहाँ कुछ लोग इसे एक अप्रत्याशित दोस्ती मानते हैं, वहीं कुछ का मानना ​​है कि यह इस बात का सबूत है कि प्यार और भरोसा प्राकृतिक मतभेदों से कहीं ऊपर हो सकते हैं। इन दोनों जानवरों के बीच की यह प्यारी दोस्ती अब इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। यह इंसानी समाज के लिए एक बहुत ही सरल संदेश देती है—दया, स्नेह और भरोसा सबसे बड़ी दूरियों को भी मिटा सकते हैं।
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